महात्मा गाँधी युग 10

 

### महात्मा गाँधी : एक संक्षिप्त परिचय

 * **जन्म-** 2 अक्टूबर, 1869, पोरबंदर (गुजरात)

 * **वास्तविक नाम -** मोहनदास करमचन्द गाँधी

 * **माता -** पुतलीबाई

 * **पिता -** करमचन्द गाँधी

 * **पत्नी -** कस्तूरबा गाँधी (विवाह–1883 में)

 * **चार पुत्र -** हरिलाल, रामदास, मणिलाल तथा देवदास

 * **पाँचवें पुत्र की उपाधि -** जमनालाल बजाज

 * **गाँधी जी का निजी सचिव :** महादेव देसाई (1917-42) प्यारेलाल नैय्यर (1942-48)

 * **सुशीला नैय्यर :** महात्मा गाँधी की युवा निजी चिकित्सक और प्यारेलाल नैय्यर की बहन थी।

 * **मेडलीन स्लेड :** यह एक ब्रिटिश महिला थीं जिन्होंने महात्मा गाँधी के नेतृत्व में आंदोलन में शामिल होने के लिए ब्रिटेन छोड़ दिया था। यह मीरा बहन के नाम से जानी जाती थी।

लंदन में 1891 में बैरिस्टर की परीक्षा उत्तीर्ण की और वकालत करने बंबई आ गए। एक मुस्लिम व्यापारी दादा अब्दुल्ला ने इन्हें अपने फर्म की कानूनी कार्यवाहियों के लिए नियुक्त किया। इसी सिलसिले में अप्रैल 1893 में दादा अब्दुल्ला के मुकदमे की पैरवी हेतु दक्षिण अफ्रीका के लिए रवाना हुए, जहाँ वे सर्वप्रथम नटाल (डरबन) बंदरगाह 24 मई, 1893 को एस एस सफारी नामक जहाज में पहुँचें। 7 जून, 1893 को गाँधी जी ने डरबन से प्रिटोरिया जाने वाली ट्रेन पकड़ी। उस दिन गाँधी जी के पास उसी ट्रेन की प्रथम श्रेणी का टिकट था लेकिन रंगभेद के कारण उन्हें जबरन तृतीय श्रेणी में जाने के लिए कहा गया। नहीं जाने पर जबरन उन्हें पीटरमारिट्जबर्ग स्टेशन पर धक्का देकर नीचे उतार दिया गया।

#### गाँधीजी : दक्षिण अफ्रीका

 * **1894 –** नटाल इंडियन कांग्रेस की स्थापना

 * **1903 –** इंडियन ओपिनियन नामक साप्ताहिक पत्र का प्रकाशन

 * **1904 –** फीनिक्स आश्रम की स्थापना

 * **1910 –** टालस्टाय फार्म की स्थापना। इस फार्म की स्थापना जर्मन शिल्पकार कालेन बाख की सहायता से जोहान्सवर्ग में की गई थी।

 * **1910 –** हिन्द स्वराज का पहला गुजराती संस्करण, फीनिक्स (द. अफ्रीका), इंटरनेशनल प्रिंटिंग प्रेस। स्वराज की व्याख्या।

लगभग 45 वर्ष की अवस्था में गोखले के अनुरोध पर 9 जनवरी, 1915 को गाँधी जी द. अफ्रीका से भारत वापस आ गए। वापसी के वक्त महात्मा गाँधी ने अपने जन्म स्थान काठियावाड़ की पारंपरिक पोशाक पहन कर अरविया जहाज पर चढ़े। इसीलिए जब गाँधी जी भारत (अपोल बंदरगाह, मुंबई) लौटे तो उन्होंने धोती, लंबा कोट, कंधे पर एक स्टोल और सिर पर सफेद पगड़ी पहनना शुरू किया, बाद में उन्होंने केवल खादी का आवरण पहनना शुरू कर दिया। गाँधी जी ने गोपाल कृष्ण गोखले को अपना राजनीतिक गुरु बनाया। गाँधी जी आध्यात्मिक गुरु रायचंद भाई थे। गाँधी जी के जीवन पर प्रभाव डालने वाले तीन व्यक्ति हैं— 1. रायचंद भाई अपने सजीव संपर्क से, टॉल्स्टॉय ने 'वैकुण्ठ तेरे हृदय में है' नामक अपनी पुस्तक से और रस्किन ने अनटू दिस लास्ट नामक पुस्तक से। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान लोगों को सेना में भर्ती होने के लिए प्रोत्साहित करने के कारण इन्हें कुछ लोग भर्ती करने वाला सार्जेंट कहने लगे। भारत में महात्मा गाँधी की पहली महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपस्थिति, 1916 में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के उद्घाटन समारोह के दौरान हुआ। 1916 ई. में गाँधी जी ने अहमदाबाद के करीब साबरमती आश्रम की स्थापना की। ब्रिटिश सरकार ने गाँधी जी को कैसर-ए-हिन्द की उपाधि प्रदान की। गाँधी जी ने नवजीवन (गुजराती) एवं यंग इंडिया (अंग्रेजी) का संपादन किया। हरिजन पत्र का प्रकाशन 1933 में प्रारंभ किया। गाँधी जी की आत्मकथा है— द स्टोरी ऑफ माई एक्सपेरिमेंट्स विथ ट्रुथ। गाँधी जी की प्रिय भजन 'वैष्णव जन तो तेने कहिए' की रचना नरसिंह मेहता ने की थी। गाँधी जी के नेतृत्व में हुए प्रथम तीन संघर्ष—1. चंपारण सत्याग्रह (1917) 2. अहमदाबाद मिल मजदूर हड़ताल (1918) एवं 3. खेड़ा सत्याग्रह (1918)

गाँधी जी ने असहयोग आंदोलन 1 अगस्त 1920 ई. को प्रारंभ किया। असहयोग आंदोलन चलाने के लिए तिलक स्वराज फंड की स्थापना की गई। इस आंदोलन के दौरान गिरफ्तार होने वाले पहले प्रमुख नेता मुहम्मद अली थे। असहयोग आंदोलन शुरू करने से पहले गाँधी जी ने ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रथम विश्वयुद्ध में सहयोग के बदले में अंग्रेजों द्वारा दी गई कैसर-ए-हिन्द की उपाधि वापस कर दी। (जमनालाल बजाज ने अपनी राय बहादुर की उपाधि वापस कर दी)

गाँधी जी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत डांडी मार्च (12 मार्च, 1930) से किया।

15 अगस्त, 1947 के दिन गाँधी जी नोआखाली (बंगाल) में थे।

गाँधी जी हत्या 30 जनवरी 1948 को दिल्ली के बिड़ला भवन में नथूराम गोडसे ने कर दी।

गाँधी जी की हत्या की मुकदमा नथूराम गोडसे, गोपाल गोडसे, मदनलाल पाहवा, विष्णु करकरे, दिगम्बर बागंरे, दामोदर वीर सावरकर एवं नारायण आप्टे पर चला जिसमें नथूराम गोडसे एवं नारायण आप्टे को फांसी की सजा हुई।

गाँधी जी हत्या के मुकदमें की सजा सुनाने वाले जज आत्माचंद अग्रवाल थे।

भारत का एक मात्र समाचार पत्र हिन्दू जिसने गाँधी जी की हत्या का समाचार को पहले पन्ने पर स्थान नहीं दिया क्योंकि उनदिनों हिन्दू के पहले पन्ने पर केवल विज्ञापन आता था।

2 अक्टूबर, 2005 को दक्षिण अफ्रीका पीटरमारिट्जबर्ग स्टेशन पर गाँधी जी की प्रतिमा लगाई गई है।

 * झंडा फौज का गठन पंजाब में चमनदीव ने किया।

 * दीनबंधु मित्र का नाटक 'नील दर्पण' में नील की खेती करनेवाले पर हुए अत्याचार का उल्लेख है।

 * राष्ट्रवादी अहरार आंदोलन 'मजहर-उल-हक' ने प्रारंभ किया।

 * आत्मसम्मान आंदोलन की शुरुआत 'रामास्वामी नायकर' ने की।

 * निरंकारी आंदोलन की शुरुआत 'दयाल दास' ने की।

 * ब्रह्मसमाज का प्रतिज्ञा-पत्र 'देवेन्द्रनाथ ठाकुर' ने तैयार किया।

 * देवसमाज के संस्थापक 'शिव नारायण अग्निहोत्री' थे।

 * तरुण स्त्री-सभा की स्थापना कलकत्ता में की गयी।

 * 'भारत, भारतीयों के लिए'— यह नारा आर्यसमाज ने दिया।

 * स्वामी विवेकानन्द ने 1893 ई. में शिकागो में विश्व धर्म सम्मेलन को संबोधित किया।

 * बंगाल में मुस्लिम जागरण का पिता नवाब अब्दुल लतीफ खान को कहा जाता है।

 * दिल्ली पड्यंत्र केस में दीनानाथ के द्वारा मुखबिरी की गयी थी।

 * अलीपुर केस में सरकारी गवाह नरेन्द्र गोसाईं बन गया था।

 * सबसे कम उम्र में फाँसी की सजा पानेवाला क्रान्तिकारी खुदीराम बोस था।

 * 'इंकलाब जिन्दाबाद' का नारा भगत सिंह ने दिया। शहीद-ए-आजम के नाम से भगत सिंह को जाना जाता है। भगत सिंह को फाँसी की सजा सुनानेवाला न्यायाधीश जी. सी. हिल्टन था।

 * सबके लिए एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर का नारा श्री नारायण गुरु ने दिया।

 * सवर्ण हिन्दुओं की फासीवादी काँग्रेस कहकर काँग्रेस का चरित्र-निरूपण मोहम्मद अली जिन्ना ने किया।

 * 'मैं एक क्रांतिकारी के रूप में कार्य करता हूँ।' यह कथन है— जवाहरलाल नेहरू का।

 * महात्मा गाँधी को महात्मा रवीन्द्र नाथ टैगोर ने, राष्ट्रपिता सुभाष चन्द्र बोस ने एवं अर्धनग्न फकीर फ्रैंक मोरिस ने कहा।


 * वल्लभ भाई पटेल को 'सरदार की उपाधि' बारदोली सत्याग्रह की सफलता के बाद वहाँ की महिलाओं की ओर से गाँधीजी ने प्रदान की।

 * **हाली पद्धति :** गुजरात के बारदोली क्षेत्र में कालिपराज जनजाति को इस पद्धति के अन्तर्गत उच्च जातियों के यहाँ पुस्तैनी मजदूर यानी बंधुआ मजदूर के रूप में कार्य करना होता था। 1927 के कालिपराजों के वार्षिक सम्मेलन की अध्यक्षता महात्मा गाँधी ने की और कालिपराजों को रानीपराज (वनवासी) की उपाधि दी।

 * सुभाष चन्द्र बोस को सर्वप्रथम 'नेताजी' एडोल्फ हिटलर ने कहा था।

 * गोखले के आध्यात्मिक एवं राजनीतिक गुरु एम. जी. रानाडे थे।

 * महात्मा गाँधी के राजनीतिक गुरु गोपाल कृष्ण गोखले थे।

 * सुभाष चन्द्र बोस के राजनीतिक गुरु देशबंधु चित्तरंजन दास थे।

 * भारत का विस्मार्क सरदार वल्लभ भाई पटेल को कहा जाता है।

 * शुद्धि आंदोलन के प्रवर्तक स्वामी दयानन्द सरस्वती थे।

 * 19वीं शताब्दी के भारतीय पुनर्जागरण का पिता राजा राममोहन राय को कहा जाता है।

 * अखिल भारतीय हरिजन संघ की स्थापना महात्मा गाँधी ने की थी।

 * राष्ट्रीय युवा दिवस स्वामी विवेकानंद से संबंधित है।

 * यंग बंगाल आंदोलन का प्रवर्तक विवियन डिरोजियो था।

 * काँग्रेस ने मौलाना अबुल कलाम आजाद की अध्यक्षता में भारत छोड़ो प्रस्ताव को पारित किया।

 * भारत के पितामह (ग्रैंड ओल्ड मैन ऑफ इंडिया) दादाभाई नौरोजी को कहा जाता है।

 * गोपाल हरिदेशमुख को लोकहितवादी के नाम से भी जाना जाता है।

 * बिना ताज का बादशाह सुरेन्द्रनाथ बनर्जी को कहा जाता है।

 * ए. ओ. ह्यूम को 'हरमिट ऑफ शिमला' कहा जाता है।

 * ए. ओ. ह्यूम 1885-1907 ई. तक काँग्रेस के महामंत्री रहे।

 * काँग्रेस के प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष बदरुद्दीन तैयबजी थे।

 * रौलेट एक्ट को बिना अपील, बिना वकील तथा बिना दलील का कानून कहा गया।

 * मुहम्मद अली एवं शौकत अली ने 1919 ई. में खिलाफत आंदोलन की शुरुआत की।

 * तीनों गोलमेज सम्मेलनों में भाग लेने वाले भारतीय नेता थे— डॉ. भीमराव अम्बेडकर।

 * 22 दिसम्बर, 1939 को काँग्रेस मंत्रिमंडल ने सामूहिक रूप से त्यागपत्र दिया। इस दिन को मुस्लिम लीग ने 'मुक्ति दिवस' के रूप में मनाया।

 * गाँधीजी ने क्रिप्स प्रस्ताव पर कहा— यह एक आगे की तारीख का चेक है, जिसका बैंक नष्ट होने वाला है। (*"It is a post dated cheque on a failing bank"*)

 * इन्डिपेन्डेंस फॉर इंडिया लीग की स्थापना जवाहरलाल नेहरू और सुभाष चन्द्र बोस ने की थी।

 * इन्डिया इन्डिपेन्डेंट्स लीग की स्थापना रासबिहारी बोस ने की थी।

 * राष्ट्रीय स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान कुख्यात सेलुलर जेल अण्डमान में स्थित है।

 * आर्य महिला सभा की स्थापना पंडिता रमाबाई ने की।

### 48. भारतीय धार्मिक, सामाजिक एवं राष्ट्रीय आन्दोलन से सम्बन्धित महत्वपूर्ण संगठन एवं संस्थाएँ

| क्र. | संस्थाएँ | स्थापना वर्ष | संस्थापक |

|---|---|---|---|

| 1. | एशियाटिक सोसाइटी | 1784 | विलियम जोन्स |

| 2. | आत्मीय सभा | 1815 | राजा राममोहन राय |

| 3. | वेदान्त कॉलेज | 1825 | राजा राममोहन राय |

| 4. | युवा बंगाल आन्दोलन | 1826 | हेनरी लुई विवियन डिरोजियो |

| 5. | ब्रह्म समाज | 1828 | राजा राममोहन राय |

| 6. | हिन्दू धर्म सभा | 1830 | राधाकांत देव |

| 7. | लैण्ड होल्डर्स सोसाइटी | 1838 | द्वारिका नाथ टैगोर |

| 8. | तत्त्वबोधिनी सभा | 1839 | देवेन्द्रनाथ ठाकुर |

| 9. | ब्रिटिश सार्वजनिक सभा | 1843 | दादाभाई नौरोजी |

| 10. | परमहंस मंडली | 1849 | गोपाल हरिदेशमुख |

| 11. | रहनुमाई माजदायान सभा | 1851 | दादाभाई नौरोजी |

| 12. | बालिका विद्यालय | 1851 | ज्योतिबा फुले |

| 13. | ब्रिटिश इंडियन एसोसिएसन | 1851 | राजेन्द्र लाल, राधाकान्त देव |

| 14. | राधा स्वामी सत्संग (आगरा) | 1861 | शिवदयाल साहब |

| 15. | मोहम्मडन एंग्लो लिटरेरी सोसाइटी | 1863 | अब्दुल लतीफ |

| 16. | साइंटिफिक सोसाइटी | 1864 | सर सैय्यद अहमद खाँ |

| 17. | वेद समाज | 1864 | आचार्य केशवचन्द्र सेन एवं श्री धरलू नायडू (मद्रास में) |

| 18. | ईस्ट इंडियन एसोसिएसन | 1866 | दादाभाई नौरोजी |

| 19. | पूना सार्वजनिक सभा | 1867 | एम. जी. रानाडे |

| 20. | प्रार्थना समाज | 1867 | केशवचन्द्र के सहयोग से एम. जी. रानाडे, आत्माराम पांडुकर, देवेन्द्रनाथ ठाकुर आदि |

| 21. | इंडियन सोसाइटी | 1872 | आनंद मोहन बोस (लंदन में) |

| 22. | सत्यशोधक समाज | 1873 | ज्योतिबा फुले |

| 23. | सनातन धर्म रक्षिणी सभा (कलकत्ता) | 1873 | - |

| 24. | अलीगढ़ मोहम्मडन एंग्लो ओरिएन्टल कॉलेज | 1875 | सर सैय्यद अहमद खाँ |

| 25. | इंडियन लीग | 1875 | शिशिर कुमार घोष |

| 26. | आर्य समाज | 1875 | स्वामी दयानन्द सरस्वती |

| 27. | थियोसोफिकल सोसाइटी | 1875 | मैडम ब्लावत्स्की व कर्नल अलकाट |

| 28. | इंडियन एसोसिएशन | 1876 | आनंदमोहन बोस, सुरेन्द्रनाथ बनर्जी |

| 29. | युनाइटेड इंडियन कमेटी | 1883 | व्योमेशचन्द्र बनर्जी |

| 30. | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस | 1883 | सुरेन्द्र नाथ बनर्जी |

| 31. | भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस | 1885 | ए. ओ. ह्यूम |

| 32. | बॉम्बे प्रेसीडेन्सी एसोसिएशन | 1885 | फिरोजशाह मेहता, तैलंग तथा तैय्यबजी |

| 33. | देव समाज (लाहौर) | 1887 | पं. शिव नारायण अग्निहोत्री |

| 34. | वेलूर मठ | 1887 | स्वामी विवेकानन्द |

| 35. | इण्डियन नेशनल सोशल काँफ्रेंस | 1887 | महादेव गोविन्द रानाडे |

| 36. | भारत धर्म महामंडल | 1887 | पंडित दीन दयालु शर्मा |

| 37. | शारदा सदन | 1889 | रमाबाई |

| 38. | रामकृष्ण मिशन | 1897 | स्वामी विवेकानन्द |

| 39. | अभिनव भारत संस्था | 1904 | विनायक दामोदर सावरकर |

| 40. | सर्वेन्ट्स ऑफ इण्डिया सोसाइटी | 1905 | गोपाल कृष्ण गोखले |

| 41. | मुस्लिम लीग | 1906 | आगा खाँ एवं सलीम उल्ला |

| 42. | अनुशीलन समिति | 1907 | श्री बारीन्द्र घोष, भूपेन्द्र दत्त |

| 43. | सोशल सर्विस लीग | 1911 | श्री नारायण मलहार जोशी |

| 44. | विश्व भारती | 1912 | रवीन्द्र नाथ ठाकुर |

| 45. | गदर पार्टी | 1913 | लाला हरदयाल, काशीराम |

| 46. | हिन्दू महासभा | 1915 | मदन मोहन मालवीय |


| क्र. | संस्थाएँ | स्थापना वर्ष | संस्थापक |

|---|---|---|---|

| 47. | होमरूल लीग | 1916 | तिलक एवं एनी बेसेन्ट |

| 48. | वीमेन्स इण्डिया एसो. | 1917 | लेडी सदाशिव अय्यर |

| 49. | खिलाफत आन्दोलन | 1919 | अली बन्धु |

| 50. | भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी | 1920 | एम. एन. राय (ताशकंद में) |

| 51. | अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस | 1920 | एम. एन. जोशी (अध्यक्ष– लाला लाजपत राय) |

| 52. | स्वराज पार्टी | 1923 | मोतीलाल नेहरू व चित्तरंजन दास |

| 53. | हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएसन | 1924 | शचीन्द्र सान्याल |

| 54. | बहिष्कृत हितकारिणी सभा | 1924 | बी. आर. अम्बेडकर |

| 55. | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ | 1925 | डॉ. हेडगवार |

| 56. | नौजवान सभा | 1926 | भगत सिंह, छबीलदास व यशपाल |

| 57. | हिन्दु. सोश. रिप. एसोसिएसन | 1928 | भगत सिंह |

| 58. | खुदाई खिदमतगार | 1929 | अब्दुल गफ्फार खाँ |

| 59. | हरिजन सेवक संघ (पुणे) | 1932 | महात्मा गाँधी |

| 60. | स्वतंत्र श्रमिक पार्टी | 1936 | बी. आर. अम्बेडकर |

| 61. | फॉरवर्ड ब्लॉक | 1939 | सुभाष चन्द्र बोस |

| 62. | आजाद हिन्द फौज | 1942 | रासबिहारी बोस |

| 63. | आजाद हिन्द सरकार | 1943 | सुभाष चन्द्र बोस |

 * राजा राममोहन राय का जन्म 1774 ई. में राधानगर नामक बंगाल के एक गाँव में हुआ। वे संस्कृत, फारसी, अरबी, अंग्रेजी, फ्रांसीसी, ग्रीक एवं हिब्रू सहित एक दर्जन से अधिक भाषाएँ जानते थे। उन्होंने वाराणसी में संस्कृत साहित्य एवं पटना में कुरान, अरबी एवं फारसी भाषा का अध्ययन किया। उन्होंने 1809 में फारसी में अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'एकेश्वरवादियों को उपहार (Gift to Monotheists)' लिखी जिसमें उन्होंने अनेक देवताओं में विश्वास के विरुद्ध और एकेश्वरवाद के पक्ष में वजनदार तर्क दिए। उन्होंने 1820 में प्रिसिप्ट्स ऑफ जीसस नाम की पुस्तक प्रकाशित की जिसमें उन्होंने 'न्यू टेस्टामेंट' के नैतिक और दार्शनिक संदेश को उसकी चमत्कारी कहानियों से अलग करने की कोशिश की।

 * राजा राममोहन राय की मृत्यु के पश्चात् ब्रह्म-समाज धीरे-धीरे कई शाखाओं में विभक्त हो गया। महर्षि देवेन्द्रनाथ टैगोर ने आदि-ब्रह्म समाज की स्थापना की, श्री केशवचन्द्र सेन ने भारतीय ब्रह्म समाज स्थापित किया व उनके पश्चात साधारण ब्रह्म समाज की स्थापना हुई।

 * राजा राममोहन राय के नेतृत्व में ब्रह्म समाज ने अंग्रेजी भाषा और पश्चिमी शिक्षा का समर्थन किया। 1817 ई. में हिन्दू कॉलेज की स्थापना डेविड हेयर द्वारा कलकत्ता में की गयी। 1822 ई. में उन्होंने एंग्लो-हिन्दू स्कूल स्थापित किया। 1825 ई. में उन्होंने वेदान्त कॉलेज की स्थापना की। ब्रह्म समाज ने ब्रह्म बालिका स्कूल एवं स्कॉटिश कॉलेज ऑफ कलकत्ता की नींव डाली। राजा राममोहन राय ने 1826 के जूरी विधेयक का घोर विरोध किया।

 * राजाराम मोहन राय के अनुसार हिन्दू धर्म का शुद्धतम रूप उपनिषदों में निहित हैं।

 * जवान बंगाल आंदोलन का नेतृत्व एक एंग्लो-इण्डियन हेनरी विवियन डेरोजिओ ने किया।

 * राजा राममोहन राय के विचारों के प्रचार के लिए देवेन्द्रनाथ ठाकुर ने 1839 में तत्त्वबोधिनी सभा की स्थापना की। तत्त्वबोधिनी सभा और उसके मुख्यपत्र तत्त्वबोधिनी पत्रिका ने बांग्ला भाषा में भारत के सुव्यवस्थित अध्ययन को बढ़ावा दिया।

 * हिन्दू धर्म सभा की स्थापना 1830 में राधाकांत देव ने कलकत्ता में की थी। इस संगठन की स्थापना मुख्य रूप से राजा राममोहन राय एवं हेनरी डेरोजियो के नेतृत्व में चल रहे सामाजिक सुधार आंदोलनों से मुकाबला करने के लिए किया गया था।

 * ईश्वर चन्द्र विद्यासागर (1820-1891) एवं कन्दुकुरी वीरेशलिंगम (1848–1919) ने विधवा-विवाह को प्रोत्साहित किया।

 * हमारे देश की उच्च जातियों में पहला कानूनी हिन्दू विधवा पुनर्विवाह कलकत्ता में 7 दिसंबर, 1856 को विद्यासागर की प्रेरणा से और उनकी ही देखरेख में हुआ।

 * ईश्वरचन्द्र विद्या सागर कलकत्ता में संस्कृत कॉलेज के प्राचार्य थे।

> **नोट:** जे.ई.डी. बेथुन ने बेथुन स्कूल की स्थापना 1849 में कलकत्ता में की।

> 

 * महाराष्ट्र में स्थापित परमहंस मंडली के संस्थापक एक ईश्वर को मानने में तथा जाति नियमों को तोड़ने में विश्वास करते थे।

 * "यदि भगवान अस्पृश्यता को सहन करते हैं, तो मैं उन्हें कभी भगवान नहीं मानूँगा" कथन है— बाल गंगाधर तिलक का।

 * दयानन्द का बचपन का नाम मूलशंकर था। इनका जन्म गुजरात के टंकारा नामक छोटे से नगर में हुआ था। इन्होंने मथुरा के स्वामी विरजानंद को अपना गुरु बनाया। 1874 ई. में दयानन्द ने सत्यार्थ-प्रकाश की रचना की जो मूलतः हिन्दी भाषा में लिखी गयी।

 * संसार के लिए स्वामी रामकृष्ण की सबसे बड़ी देन अध्यात्मवाद है। उनका कहना था कि मनुष्य का मूल लक्ष्य ईश्वर की प्राप्ति होना चाहिए जो अध्यात्मवाद से ही संभव है।

 * स्वामी रामकृष्ण के शिष्य विवेकानन्द थे। जिन्होंने 1893 ई. में अमेरिका के शिकागो नगर में आयोजित सर्व-धर्म सम्मेलन में भाग लेने गए। स्वामी विवेकानन्द का बचपन का नाम नरेन्द्रनाथ था। स्वामी विवेकानन्द ने ज्ञान योग, कर्मयोग तथा राजयोग नामक पुस्तिकाएँ लिखीं।

> **नोट:** स्वामी विवेकानन्द के भाषणों का संकलन 'लेक्चर्स फ्रॉम कोलम्बो टू अल्मोड़ा' नामक पुस्तक में है।

> 

 * कन्याकुमारी का रॉक मेमोरियल स्वामी विवेकानंद को समर्पित है।

 * महादेव गोविन्द रानाडे ने 1887 में राष्ट्रीय समाज-सुधार समिति की स्थापना की। 1887 से 1895 ई. तक राष्ट्रीय समाज-सुधार समिति का अधिवेशन काँग्रेस अधिवेशन के तुरन्त बाद उसी पंडाल में होता था।

 * 1861 ई. में आगरा में श्री शिवदयाल खत्री ने राधास्वामी सत्संग की स्थापना की। इनके समर्थकों ने दयालबाग में एक मंदिर का निर्माण किया है फलस्वरूप दयालबाग इस सत्संग का तीर्थ स्थल बन गया है।

 * शिव नारायण अग्निहोत्री ने 2 फरवरी, 1887 को लाहौर में देव समाज की स्थापना की थी।

 * पंजाब के मिर्जा गुलाम अहमद ने अहमदिया आन्दोलन की शुरुआत की। उन्होंने अपने आपको पैगम्बर बताया जिसका उद्देश्य भारत में शुद्ध इस्लाम की स्थापना था।

 * मुसलमानों को अंग्रेजी शिक्षा और आधुनिकीकरण की ओर ले जाने का श्रेय सर सैयद अहमद खाँ को है और उनका अलीगढ़-आन्दोलन इसका केन्द्र बिन्दु रहा।

 * सर सैयद अहमद खाँ ने 1875 ई. में अलीगढ़ में एंग्लो-ओरिएण्टल कॉलेज की स्थापना की जो बाद में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय कहलाया। इस कॉलेज के प्रथम प्रिन्सिपल थियोडोर बैक थे।

### 49. भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन से संबंधित महत्वपूर्ण आन्दोलन एवं घटनाएँ

| क्र. | आन्दोलन एवं घटनाएँ | वर्ष | सम्बन्धित विषय एवं व्यक्ति |

|---|---|---|---|

| 1. | भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस की स्थापना | 1885 | ए. ओ. ह्यूम (बम्बई) |

| 2. | बंग-भंग आन्दोलन (स्वदेशी आन्दोलन) | 1905 |

 बंगाल के विभाजन के विरुद्ध |

| 3. | मुस्लिम लीग की स्थापना | 1906 | आगा खाँ एवं सलीम उल्ला खाँ (ढाका) |

| 4. | काँग्रेस का विभाजन | 1907 | नरम एवं गरम दल में विभाजित (सूरत फूट) |


| 5. | होमरूल आन्दोलन | 1916 | तिलक एवं एनी बेसेन्ट |

| 6. | लखनऊ पैक्ट | दिसम्बर, 1916 | काँग्रेस तथा मुस्लिम लीग के बीच समझौता |

| 7. | मॉन्टेग्यू घोषणा | 20 अगस्त, 1917 | भारत मंत्री लॉर्ड मॉन्टेग्यू की घोषणा |

| 8. | रौलेट ऐक्ट | 19 मार्च, 1919 | काला कानून, जिसके अंतर्गत किसी भी व्यक्ति को संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया जा सकता था। |

| 9. | जलियाँवाला बाग हत्याकाण्ड | 13 अप्रैल, 1919 | जनरल डायर (अमृतसर) |

| 10. | खिलाफत आन्दोलन | 1919 | शौकत अली, मोहम्मद अली |

| 11. | हन्टर कमेटी की रिपोर्ट प्रकाशित | 28 मई, 1920 | जलियाँवाला बाग से संबंधित |

| 12. | काँग्रेस का नागपुर अधिवेशन | दिसम्बर, 1920 | असहयोग आन्दोलन का प्रस्ताव पारित |

| 13. | असहयोग आंदोलन का आरंभ | 1 अगस्त, 1920 | महात्मा गाँधी |

| 14. | चौरी-चौरा काण्ड | 5 फरवरी, 1922 | गोरखपुर जिले (उ.प्र.) की इस घटना के बाद असहयोग आंदोलन स्थगित |

| 15. | स्वराज पार्टी की स्थापना | 1 जनवरी, 1923 | मोतीलाल नेहरू व चित्तरंजन दास |

| 16. | हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएसन | अक्टूबर, 1924 | शचीन्द्र सान्याल |

| 17. | साइमन कमीशन की नियुक्ति | 8 नवम्बर, 1927 | जॉन साइमन की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय आयोग का गठन |

| 18. | साइमन कमीशन का भारत आगमन | 3 फरवरी, 1928 | भारत में लाला लाजपत राय के नेतृत्व में विरोध एवं उनपर लाठी प्रहार |

| 19. | नेहरू रिपोर्ट | अगस्त, 1928 | पं. मोतीलाल नेहरू अध्यक्ष |

| 20. | बारदोली सत्याग्रह | अक्टूबर, 1928 | गुजरात के किसानों का लगान वृद्धि के विरोध में वल्लभ भाई के नेतृत्व में आंदोलन |

| 21. | लाहौर षड़यंत्र केस | 8 अप्रैल, 1929 | भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त द्वारा ब्रिटिश असेम्बली में बम फेंकना |

| 22. | काँग्रेस का लाहौर अधि. | दिसम्बर, 1929 | पूर्ण स्वाधीनता का प्रस्ताव |

| 23. | स्वाधीनता दिवस की घोषणा | 2 जनवरी, 1930 | 26 जनवरी को स्वाधीनता दिवस के रूप में मनाने की घोषणा |

| 24. | नमक सत्याग्रह | 12 मार्च, 1930 से 5 अप्रैल, 1930 | महात्मा गाँधी के द्वारा साबरमती आश्रम से डांडी जाकर नमक बनाकर 'नमक कानून' का उल्लंघन करना |

| 25. | सविनय अवज्ञा आन्दोलन | 6 अप्रैल, 1930 | सविनय अवज्ञा आन्दोलन की शुरुआत |

| 26. | प्रथम गोलमेज सम्मेलन | 12 नवम्बर, 1930 | प्रधानमंत्री मैकडोनाल्ड की अध्यक्षता में लंदन में हुई |

| 27. | गाँधी-इरविन समझौता | 4 मार्च, 1931* | महात्मा गाँधी और वायसराय इरविन के मध्य सम्पन्न तथा सविनय अवज्ञा आंदोलन स्थगित करने की घोषणा |

| 28. | द्वितीय गोलमेज सम्मेलन | 7 सितम्बर, 1931 | गाँधीजी ने सम्मेलन में भाग लिया |

| 29. | कम्युनल अवार्ड (साम्प्रदायिक पंचाट) | 16 अगस्त, 1932 | मैकडोनाल्ड द्वारा पृथक् प्रतिनिधित्व प्रदान करना |

| 30. | पूना पैक्ट (येरवादा सेन्ट्रल जेल में) | 24 सितम्बर, 1932 | गाँधीजी और डॉ. अम्बेडकर के बीच एक समझौता, जिसके सांप्रदायिक पंचाट में दलितों के लिए प्रांतीय विधान सभा में पृथक निर्वाचन प्रणाली को समाप्त कर उनके लिए 71 के बदले 148 स्थान सुरक्षित रखे गए। |

| 31. | तृतीय गोलमेज सम्मेलन | 17 नवम्बर, 1932 | इसमें काँग्रेस ने भाग नहीं लिया |

| 32. | काँग्रेस सोशलिस्ट पार्टी का गठन | मई, 1934 | जयप्रकाश नारायण, मीनू मसानी और एस. एम. जोशी |

| 33. | फॉरवर्ड ब्लॉक का गठन | 1 मई, 1939 | सुभाष चन्द्र बोस |

| 34. | मुक्ति दिवस | 22 दिसम्बर, 1939 | मुस्लिम लीग के द्वारा काँग्रेस मंत्रिमंडलों के त्यागपत्र पर मनाया गया |

| 35. | पाकिस्तान की माँग | 24 मार्च, 1940 | मुस्लिम लीग के लाहौर अधिवेशन में |

| 36. | अगस्त प्रस्ताव | 8 अगस्त, 1940 | वायसराय लिनलिथगो |

| 37. | क्रिप्स मिशन का प्रस्ताव | मार्च, 1942 | स्टीफोर्ड क्रिप्स |

| 38. | भारत छोड़ो प्रस्ताव | 8 अगस्त, 1942 | महात्मा गाँधी |

| 39. | शिमला सम्मेलन | 25 जून, 1945 | राजनीतिक दलों का सम्मेलन |

| 40. | नौसेना का विद्रोह | 18 फरवरी, 1946 | मुम्बई (H.M.I.S तलवार के सैनिकों द्वारा) |

| 41. | प्रधानमंत्री एटली की घोषणा | 15 मार्च, 1946 | भारत को स्वतंत्र करने का आश्वासन |

| 42. | कैबिनेट मिशन का आगमन (कैबिनेट मिशन योजना का प्रकाशन 16 मई, 1946 ई. को हुआ) | 24 मार्च, 1946 | ब्रिटिश मन्त्रिमण्डल के तीन सदस्यों—पैथिक लॉरिस, सर स्टीफोर्ड क्रिप्स एवं ए.बी. अलेक्जेंडर का भारत आगमन। |

| 43. | प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस | 16 अग., 1946 | मुस्लिम लीग द्वारा |

| 44. | अन्तरिम सरकार की स्थापना | 2 सितम्बर, 1946 | नेहरू प्रधानमंत्री बने |

| 45. | माउण्टबेटन योजना | 3 जून, 1947 | वाय. माउण्टबेटन ने भारत विभाजन की योजना रखी |

| 46. | स्वतंत्रता की प्राप्ति | 15 अग., 1947 | भारत स्वतंत्रता अधिनियम द्वारा |

| 47. | भारतीय गणतंत्र की स्थापना | 26 जनवरी, 1950 | डॉ. राजेन्द्र प्रसाद प्रथम राष्ट्रपति |

| 48. | भूदान आन्दोलन | 18 अप्रैल, 1951 | इसकी शुरुआत पोचमपल्ली नलगोंडा (तेलंगाना) में विनोवा भावे ने की थी। रामचन्द्र रेड्डी ने सबसे पहले भूमि दान में दी। |

**द गजेटियर ऑफ इंडिया (V-II) P. 577*


### 50. भारतीय स्वतंत्रता-आन्दोलन के प्रमुख वचन एवं नारे

| क्र. | वचन एवं नारे | नाम |

|---|---|---|

| 1. | इन्कलाब जिन्दाबाद | भगत सिंह |

| 2. | दिल्ली चलो | सुभाष चन्द्र बोस |

| 3. | करो या मरो, हे राम, भारत छोड़ो* | महात्मा गाँधी |

| 4. | जय हिन्द | सुभाष चन्द्र बोस |

| 5. | पूर्ण स्वराज, आराम हराम है | जवाहरलाल नेहरू |

| 6. | वेदों की ओर लौटो | दयानन्द सरस्वती |

| 7. | जय जवान, जय किसान (1965 के पाकिस्तान युद्ध के समय) | लाल बहादुर शास्त्री |

| 8. | मारो फिरंगी को | मंगल पांडे |

| 9. | जय जगत | विनोवा भावे |

| 10. | कर मत दो | सरदार वल्लभ भाई पटेल |

| 11. | सम्पूर्ण क्रांति | जयप्रकाश नारायण |

| 12. | विजयी विश्व तिरंगा प्यारा | श्याम लाल गुप्ता पार्षद |

| 13. | वन्दे मातरम् | बंकिमचन्द्र चटर्जी |

| 14. | जन-गण-मन अधिनायक जय हे | रवीन्द्र नाथ ठाकुर |

| 15. | साम्राज्यवाद का नाश हो | भगत सिंह |

| 16. | स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है | बाल गंगाधर तिलक |

| 17. | सरफरोशी की तमन्ना, अब हमारे दिल में है | राम प्रसाद बिस्मिल |

| 18. | "सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा" | इकबाल |

| 19. | तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूँगा | सुभाषचन्द्र बोस |

| 20. | साइमन कमीशन वापस जाओ | लाला लाजपत राय |

| 21. | हू लिव्स इफ इंडिया डाइज | जवाहरलाल नेहरू |

| 22. | मेरे सिर पर लाठी का एक एक प्रहार, अंग्रेजी शासन के ताबूत की कील साबित होगा | लाला लाजपत राय |

| 23. | मुसलमान मूर्ख थे, जो उन्होंने सुरक्षा की माँग की और हिन्दू उनसे भी मूर्ख थे, जो उन्होंने उस माँग को ठुकरा दिया। | अबुल कलाम आजाद |

| 24. | क्रांति की तलवार में धार वैचारिक पत्थर पर रगड़ने से ही आती है। | भगत सिंह |

> * भारत छोड़ो स्लोगन महात्मा गाँधी का ही था, पर इतिहासकार एक सम्मत नहीं हैं। मीडिया रिपोर्टस के अनुसार भारत छोड़ो स्लोगन लिखने का श्रेय मेहर युसूफ अली को जाता है। इन्होंने ही भारत छोड़ो आन्दोलन आरंभ करने के कुछ समय पूर्व गाँधी जी से मुलाकात कर उन्हें Quit India स्लोगन का सुझाव दिया था। गोपालास्वामी ने अपनी पुस्तक 'गाँधी एंड बॉम्बे' में लिखा है कि Quit India को यूसूफ ने ही गाँधी जी के सामने पेश किया था और गाँधी जी ने उसे स्वीकार किया था।

> 

### 51. स्वतंत्रता-आंदोलन से संबंधित प्रकाशित पत्र, पत्रिकाएँ एवं पुस्तकें

| पत्र-पत्रिकाएँ एवं पुस्तकें | लेखक/संपादक |

|---|---|

| अभ्युदय, लीडर, हिन्दुस्तान | मदनमोहन मालवीय |

| इंडियन मिरर, वाम बोधिनी | केशवचंद्र सेन |

| इंडिपेंडेंट | मोतीलाल नेहरू |

| काल | परांजपे |

| कामरेड, हमदर्द | मुहम्मद अली |

| बंदी जीवन | शचीन्द्रनाथ सान्याल |

| दैनिक केसरी (मराठी), साप्ताहिक द मराठा (अंग्रेजी), गीता-रहस्य | बाल गंगाधर तिलक |

| कर्मयोगी, युगान्तर, वन्देमातरम्, लाइफ डिवाइन, सावित्री | अरविंद घोष |

| नेशन | गोपाल कृष्ण गोखले |

| बंगाली, ए नेशन इन मेकिंग | सुरेन्द्र नाथ बनर्जी |

| भवानी मंदिर | बारिन्द्र कुमार घोष |

| यंग इंडिया, हरिजन, नवजीवन, हिन्द स्वराज, माय एक्सपेरीमेंट विथ ट्रुथ, एथिकल रिलिजन, पाथवे टू गॉड | महात्मा गाँधी |

| संवाद कौमुदी | राजा राममोहन राय |

| सोमप्रकाश | ईश्वरचंद्र विद्यासागर |

| अमृतबाजार पत्रिका (वरनाकुलर प्रेस एक्ट के कारण बांग्ला से अंग्रेजी में प्रकाशित होने लगा) | शिशिर कुमार घोष |

| साप्ताहिक कॉमन विल, दैनिक न्यू इंडिया | एनी बेसेन्ट |

| प्रभात | एन. सी. केलकर |

| फ्री हिन्दुस्तान | तारकनाथ दास |

| द रिवोल्यूशनरी | शचीन्द्रनाथ सान्याल |

| पावर्टी एंड अन-ब्रिटिश रूल इन इण्डिया, रस्ट गुप्तूर | दादाभाई नौरोजी |

| इंडिया डिवाइडेड | डा. राजेन्द्र प्रसाद |

| महात्मा गाँधी एंड बिहार, सम रेमिनिसन्सेस सत्याग्रह एट चंपारण बापू के कदमों में | डा. राजेन्द्र प्रसाद |

| अनहैप्पी इंडिया, यंग इंडिया, द स्टोरी ऑफ माइ डिपोर्टेशन | लाला लाजपत राय |

| इंडिया विन्स फ्रीडम, गुबारे खातिर, अल हिलाल | अबुल कलाम आजाद |

| डिस्कवरी ऑफ इंडिया*, ग्लिम्पसेज ऑफ वर्ल्ड हिस्ट्री, मेरी कहानी, कौमी आवाज | जवाहरलाल नेहरू |

| हिन्दू्स फार सेल्फ कल्चर | लाला हरदयाल |

| इंडियन अनरेस्ट | सर वेलेंटाइन शिरोल |

| स्वराज्य | टी प्रकाशम |

| जस्टिस | टी. एम. नायर |

| द सोशलिस्ट | एस. ए. डांगे |

| इण्डिया फॉर इण्डियन्स | चित्तरंजन दास |

| वॉर ऑफ इंडियन इंडिपेंडेंस | वीर सावरकर |

| होम एंड द वर्ल्ड, गीतांजलि | रवीन्द्र नाथ ठाकुर |

| नील दर्पण | दीनबंधु मित्र |

| सोजे वतन, कर्मभूमि, शतरंज के खिलाड़ी | प्रेमचंद |

| बांगे दरा, तराने हिन्द | मुहम्मद इकबाल |

| भारत भारती | मैथिलीशरण गुप्त |

| भारत दुर्दशा | भारतेन्दु हरिश्चंद्र |

| काँग्रेस का इतिहास | पट्टाभि सीतारम्मया |

| सत्यार्थ प्रकाश | दयानंद सरस्वती |

| इंडियन स्ट्रगल | सुभाष चंद्र बोस |

| आनंदमठ, देवी चौधुरानी | बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय |

| भारतीय विद्रोह के कारण, तहजीव-अल-अखलाक | सर सैयद अहमद खाँ |

| कॉमरेड | मुहम्मद अली |

| इंकलाब | गुलाम हुसैन |

| शूद्रों की खोज, जातिभेद का उच्छेद, अछूत कौन और कैसे, मूक नायक | डॉ. भीम राव अम्बेडकर |

> * इस पुस्तक को नेहरू जी ने अहमदनगर फोर्ट जेल में लिखा था।

> मूक नायक 1920 में वी. आर. अम्बेडकर द्वारा स्थापित एक मराठी पाक्षिक समाचार पत्र था। पहला अंक 31 जनवरी, 1920 को प्रकाशित हुआ था।

> 

**नोट :** *राजा राममोहन राय को भारतीय पत्रका

रिता का अग्रदूत कहा जाता है। 1821 में उन्होंने बंगाली साप्ताहिक 'संवाद कौमुदी' और 1822 में फारसी में 'मिरात-उल-अखबार' प्रारंभ किये।*

Comments