1857 ई. की महान क्रांति 9


## 46. 1857 ई. की महान क्रांति

 * **1856 में अंग्रेजों ने पुरानी बंदूक ब्राउन बेस के स्थान पर नई एनफील्ड राइफल को प्रयोग करने का निर्णय लिया।** उसके लिए जो कारतूस बनाए गए उन्हें राइफल में भरने से पहले मुँह से खोलना पड़ता था। इन कारतूसों में गाय और सुअर की चर्बी का प्रयोग किया गया था। यह चर्बी वाला कारतूस ही 1857 की क्रांति का प्रमुख कारण बना।

 * **29 मार्च, 1857 ई. को मंगल पांडे नामक एक सैनिक ने बैरकपुर में गाय की चर्बी मिले कारतूसों को मुँह से काटने से स्पष्ट मना कर दिया और उसने लेफ्टिनेंट बाग एवं मेजर ह्यूसन को गोली मारकर हत्या कर दी।** फलस्वरूप उसे गिरफ्तार कर 8 अप्रैल, 1857 को फाँसी दे दी गई। फाँसी पर चढ़ने से पहले मंगल पांडे ने *हल्ला बोल* का नारा दिया। मंगल पांडे का संबंध 34वाँ बंगाल नेटिव इन्फेंट्री (BNI) से था।

 * **10 मई, 1857 के दिन मेरठ की पैदल टुकड़ी 20 N.I. से 1857 ई. की क्रांति की शुरुआत हुई।**

 * **1857 ई. में क्रांति के समय भारत का गवर्नर जनरल लॉर्ड कैनिंग एवं इंग्लैंड के प्रधानमंत्री पामर्स्टन (लिबरल) थे।**

> **नोट:** अंग्रेजी भारतीय सेना का निर्माण 1748 ई. में आरंभ हुआ। उस समय मेजर स्ट्रिंजर लॉरेंस को अंग्रेजी भारतीय सेना का जनक पुकारा गया।

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 * **1857 के विद्रोह के पश्चात् सेना का पूर्ण रूप से पुनर्गठन किया गया जिसका मुख्य उद्देश्य एक और विद्रोह न होने देना था।** इसके लिए स्थापित पील कमीशन की रिपोर्ट पर सेना में भारतीय सैनिकों की तुलना में यूरोपीय सैनिकों का अनुपात बढ़ाया गया तथा उच्च सैनिक पदों पर अब भारतीयों की नियुक्ति पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दी गई जो पहले से ही प्रतिबंधित थी। बंगाल की सेना में यूरोपीय व भारतीय सैनिकों का अनुपात 1 : 2 रखा गया जबकि बंबई, मद्रास में 2 : 5 रखा गया।

### 1857 ई. की क्रांति के बारे में इतिहासकारों का मत

| क्र | मत | इतिहासकार |

|---|---|---|

| 1. | यह भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम था। | वी. डी. सावरकर |

| 2. | यह राष्ट्रीय विद्रोह था | डिजरायली |

| 3. | यह पूर्णतया सिपाही विद्रोह था | सर जॉन लॉरेंस एवं सीले |

| 4. | यह अंग्रेजों के विरुद्ध हिन्दू एवं मुसलमानों का षड्यंत्र था | जेम्स आउट्रम, डब्ल्यू. टेलर |

| 5. | बर्बरता तथा सभ्यता के बीच युद्ध था | टी. आर. होम्स |

| 6. | यह धर्मांधों का ईसाइयों के विरुद्ध युद्ध था | एल. ई. आर. रीज |

 * **बिहार, अवध तथा अन्य उन स्थानों के व्यक्तियों को, जिन्होंने 1857 ई. के क्रांति में भाग लिया था, गैर लड़ाकू घोषित किया गया** और सेना में उनकी संख्या कम कर दी गई तथा सिख, गोरखा और पठानों को जिन्होंने 1857 के क्रांति को दबाने में अंग्रेजों की मदद की थी, लड़ाकू जातियाँ घोषित की गयी और उन्हें बड़ी संख्या में सेना में भर्ती किया गया।

> **नोट:** भारतीय को सेना में ऊँचे से ऊँचा प्राप्त होने वाला पद सूबेदार का था।

> **\succ हूरोज ने लक्ष्मीबाई की वीरता से प्रभावित होकर कहा था कि क्रांतिकारियों में वह एक अकेली मर्द थी।**

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### 1857 ई. की महान क्रांति के प्रमुख केन्द्र

| केन्द्र | भारतीय नायक | विद्रोह की तिथि | ब्रिटिश नायक (विद्रोह दबाने वाला) | तिथि (विद्रोह दबाने का) |

|---|---|---|---|---|

| **दिल्ली** | बहादुरशाह जफर, बख्त खाँ *(सैन्य नेतृत्व)* | 11, 12 मई, 1857 ई. | निकलसन *(मरा गया)* एवं हडसन | 21 सितम्बर, 1857 ई. |

| **कानपुर** | नाना साहब *(धुन्धू पंत)*, तात्या टोपे *(सैन्य नेतृत्व)* | 5 जून, 1857 ई. | कैंपबेल | 6 दिसम्बर, 1857 ई. |

| **लखनऊ** | बेगम हजरत महल *(मुहम्मदी खातून)* | 4 जून, 1857 ई. | हेनरी लॉरेंस *(मरा गया)*, कैंपबेल | मार्च, 1858 ई. |

| **झाँसी** | रानी लक्ष्मीबाई | जून, 1857 ई. | हूरोज* | 3 अप्रैल, 1858 ई. |

| **इलाहाबाद** | लियाकत अली | 1857 ई. | कर्नल नील | 1858 ई. |

| **जगदीशपुर** | कुँअर सिंह | अगस्त, 1857 ई. | विलियम टेलर एवं विंसेट आयर | 1858 ई. |

| **बरेली** | खान बहादुर खाँ | 1857 ई. | हडसन | 1858 ई. |

| **फैजाबाद** | मौलवी अहमद उल्ला | 1857 ई. | कर्नल नील | 1858 ई. |

| **फतेहपुर** | अजीमुल्ला | 1857 ई. | जनरल रेनर्ड | 1858 ई. |

> **नोट:** तात्या टोपे का वास्तविक नाम रामचन्द्र पांडुरंग था। उन्हें सिंधिया के सामंत मान सिंह ने धोखा देकर पकड़वा दिया। 18 अप्रैल, 1859 को शिवपुरी में अंग्रेजों द्वारा इन्हें फाँसी पर लटका दिया गया था।

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 * **बेगम हजरत महल का जन्म 1820 में और मृत्यु 1879 में नेपाल हुआ। उन्हें काठमाण्डू के जामा मस्जिद मैदान में दफनाया गया।**

## 47. भारत का स्वतंत्रता-संघर्ष : महत्वपूर्ण तथ्य

 * **पहला अंग्रेज विरोधी संघर्ष संन्यासियों के द्वारा शुरू किया गया।**

 * **1887 ई. में दादा भाई नौरोजी ने इंग्लैंड में भारतीय सुधार समिति की स्थापना की।**

 * **1887 ई. के बाद ब्रिटिश सरकार का रुख कांग्रेस के प्रति कठोर होता चला गया।**

 * **नौरोजी, दत्त एवं वाचा ने धन निकास के सिद्धान्त का प्रतिपादन किया।** दादा भाई नौरोजी ने धन का पलायन सिद्धान्त का वर्णन अपनी पुस्तक *पावर्टी एण्ड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया* में किया है।

 * **ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स का चुनाव लड़ने वाले प्रथम भारतीय डब्लू. सी. बनर्जी थे जो चुनाव हार गये थे।** ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स के सदस्य चुने जाने वाले प्रथम भारतीय दादाभाई नौरोजी थे। इन्होंने लिबरल पार्टी के उम्मीदवार के रूप में फिंसबरी से, 1892 ई. में चुनाव जीता था।

 * **लॉर्ड कर्जन ने 20 जुलाई, 1905 ई. को बंगाल-विभाजन के निर्णय की घोषणा की।**

 * **बंगाल-विभाजन के विरोध में 7 अगस्त, 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में स्वदेशी आन्दोलन की घोषणा की गयी।** बंगाल-विभाजन 16 अक्टूबर, 1905 को प्रभावी हुआ। इस दिन पूरे बंगाल में शोक दिवस मनाया गया। रवीन्द्र नाथ टैगोर के आह्वान पर इस दिन को राखी दिवस के रूप में मनाया गया। स्वदेशी आन्दोलन में *वन्दे मातरम्, विभाजन नहीं चाहिए एवं बंगाल एक है* आदि नारे लगाये गये।

> **नोट:** स्वदेशी आन्दोलन का विचार सर्वप्रथम कृष्ण कुमार मित्र के पत्र संजीवनी में 1905 ई. में प्रस्तुत किया गया था।

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 * **आन्ध्र के डेल्टा इलाकों में स्वदेशी आन्दोलन को वंदे मातरम् आन्दोलन के नाम से जाना जाता था।**

 * **स्वदेशी आंदोलन का दिल्ली में नेतृत्व सैयद हैदर रजा, मद्रास में चिदम्बरम पिल्ले, पूना व मुम्बई में तिलक ने, पंजाब में लाला लाजपत राय ने किया।**

 * **1906 में कलकत्ता में हुए कांग्रेस के अधिवेशन की अध्यक्षता करते हुए दादाभाई नौरोजी ने पहली बार स्वराज की माँग प्रस्तुत की।**

> **नोट:** *स्वराज* शब्द का पहली बार प्रयोग स्वामी दयानंद सरस्वती ने किया।

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### कांग्रेस पर कुछ विशेष टिप्पणियाँ

| वक्ता | टिप्पणी |

|---|---|

| **डफरिन** | कांग्रेस केवल सूक्ष्मदर्शी अल्पसंख्यक का प्रतिनिधित्व करती है। |

| **कर्जन** | कांग्रेस लड़खड़ाकर गिर रही है, भारत में रहते हुए मेरी इच्छा है कि उसे शांतिपूर्वक मरने में मदद कर सकूँ। |

| **अरविंद घोष** | कांग्रेस क्षयरोग से मरने ही वाली है। |

| **बंकिमचंद्र चटर्जी** | कांग्रेस के लोग पदों के भूखे राजनीतिज्ञ हैं। |

| **अश्विनी कुमार दत्त** | कांग्रेस का सम्मेलन तीन दिन का तमाशा है। |

| **लाला लाजपत राय** | कांग्रेस लॉर्ड डफरिन की दिमाग की उपज है। |

| **विपिनचन्द्र पाल** | कांग्रेस याचना करने वाली संस्था है। |

 * **स्वदेशी आन्दोलन चलाने के तरीके को लेकर ही कांग्रेस 1907 ई. के सूरत अधिवेशन में उग्रवादी (गरम दल) एवं उदारवादी (नरम दल) नामक दो दलों में विभाजित हो गयी।** इस सम्मेलन की अध्यक्षता रासबिहारी बोस ने की थी।

 * **स्वदेशी आन्दोलन के अवसर पर ही रवीन्द्र नाथ ठाकुर ने अपना प्रसिद्ध गीत 'आमार सोनार बांयला' लिखा।** बाद में यही गीत बांग्लादेश का राष्ट्रीय गीत बना।

 * **स्वदेशी आंदोलन के प्रचार प्रसार के लिए अश्विनी कुमार दत्ता ने बारीसल में स्वदेशी बांधव समिति की स्थापना की।**

### 1893 ई. का वर्ष : एक परिवर्तन बिन्दु

 * **1893 ई. में स्वामी विवेकानंद (1863-1902 ई.) अमेरिका के शिकागो नगर पहुंचे।** सितम्बर, 1893 ई. में वहाँ पर हो रहे सर्व-धर्म सम्मेलन में पहले ही दिन उन्हें दो मिनट बोलने का समय दिया गया था। जैसे ही उन्होंने अपने वक्तव्य का संबोधन 'अमेरिका के भाइयों और बहनों' के साथ शुरू किया, तालियों की गड़गड़ाहट ने न केवल उन्हें, बल्कि भारत को विश्व के सर्वोच्च देशों में लाकर खड़ा कर दिया। उन्हें 'तूफानी हिन्दू' कहा जाने लगा।

 * **1893 ई. में 14 वर्ष के बाद योगीराज अरविन्द घोष (1872-1950 ई.) की भारत भूमि पर वापसी हुई।** 1893 ई. में उन्होंने एक लेखमाला *'न्यू लैंप फॉर ओल्ड'* प्रकाशित किया।

 * **16 नवम्बर, 1893 को एनी बेसेंट (1847-1933 ई.) भारत आईं।** वे वाराणसी शहर में रहने लगीं। उन्होंने भारतीयों से कहा कि, *"मैं हृदय से तुम्हारे साथ हूँ और संस्कृति से भी मैं तुमहीं लोगों में से एक हूँ।"*

 * **1893 ई. में महात्मा गाँधी (1869-1948 ई.) अब्दुल्ला सेठ नामक व्यापारी के मुकदमे में दक्षिण अफ्रीका गए।**

 * **क्रांतिकारी गतिविधियों की दृष्टि से भी 1893 ई. का वर्ष महत्वपूर्ण है।** नासिक में चापेकर बंधुओं ने एक गुप्त संस्था 'सोसायटी फॉर दी रिमूवल ऑफ ऑब्स्टेकल्स दू दी हिन्दू रिलिजन' स्थापित की।

 * **बंगाल में क्रांतिकारियों का पहला प्रमुख संगठन अनुशीलन समिति था जिसकी स्थापना 24 मार्च, 1903 को हुई थी संस्थापकों के अनुरोध पर बैरिस्टर प्रथमनाथ मित्र (पी. मित्र) इसका नेतृत्व संभाला।** इसका मुख्यालय कलकत्ता में था। इसके प्रथम कार्यकारिणी के पाँच सदस्य थे। 1. प्रथम-नाथ मित्र (अध्यक्ष), 2. चितरंजन दास एवं 3. अरविंद घोष (उपाध्यक्ष), सुरेन्द्र नाथ ठाकुर (कोषाध्यक्ष) और सिस्टर निवेदिता कार्यकारिणी की सदस्या थी। 1906 में अनुशीलन समिति का पहला सम्मेलन कोलकाता में हुआ। अनुशीलन समिति का मुख्य उद्देश्य था- खून का बदला खून।

> **भारत का गजेटियर V-II के पेज 564 के अनुसार अनुशीलन समिति की स्थापना 1906 में बारीन्द्र कुमार घोष ने की थी।**

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 * **आगे चलकर बारीन्द्र कुमार घोष, अविनाश भट्टाचार्य एवं भूपेन्द्रनाथ दत्त का गुट अनुशीलन समिति पर प्रभावी हो गया और उन्होंने आंदोलन को और उग्रता प्रदान की।** इन लोगों ने 1905 में भवानी मंदिर नामक अपनी पहली पुस्तक प्रकाशित की जिसमें कहा गया था कि क्रांतिकारी राजनीतिक संन्यासी का जीवन तब तक बिताए जब तक स्वाधीनता प्राप्त न हो। अक्टूबर, 1907 में अविनाश चन्द्र भट्टाचार्य द्वारा प्रकाशित वर्तमान रणनीति उनकी दूसरी पुस्तक थी, जिसमें कहा गया था कि भारत की स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए फौजी शिक्षा और युद्ध आवश्यक है। इसके लिए छापामार युद्ध अपनाने के लिए कहा गया था। अनुशीलन समिति ने हेमचन्द्र दास कानूनगो को पेरिस भेजा, जिसने रूसी क्रांतिकारी निकोलस सफ्रांसकी से बम बनाना सीखा।

 * **बारीन्द्र कुमार घोष, भूपेन्द्रनाथ दत्त एवं अविनाशचन्द्र भट्टाचार्य ने 1906 ई. में युगांतर नामक साप्ताहिक पत्रिका प्रकाशित किया।** युगांतर के प्रथम संपादक भूपेन्द्रनाथ दत्त को 1907 ई. में 1 वर्ष की कड़ी सजा दी गयी। 1908 में यह पत्र बंद कर देना पड़ा।

 * **ढाका अनुशीलन समिति की स्थापना पी. मित्रा एवं पुलिन दास ने 1904 ई. में ढाका में की थी।** ढाका में इसकी लगभग 500 शाखाएँ थीं।

 * **11 दिसंबर, 1908 को अनुशीलन समिति गैरकानूनी घोषित कर दी गई।**

### खुदीराम बोस

 * **जन्म :** 1889, ग्राम : हबीबपुर (जि. मिदनापुर, पं. बंगाल)

 * **पकड़ने वाली पुलिस :** फतह सिंह एवं शिव प्रसाद मिश्र

 * **खुदीराम बोस के मुकदमे में जज :** कॉर्नडफ

 * **सरकारी वकील :** मानुक व विनोद मजूमदार

 * **खुदीराम बोस की ओर से वकील :** कालीदास बोस

 * **फाँसी की तारीख :** 11 अगस्त, 1908 *(एक हाथ में गीता लेकर खुदीराम बोस फाँसी के तख्ते पर जा खड़े हुए ।)*

 * **प्रफुल्ल चाकी और खुदीराम बोस ने 30 अप्रैल, 1908 को मुजफ्फरपुर के जज किंग्सफोर्ड की हत्या का प्रयत्न किया।** गलती से बम केनेडी की गाड़ी पर गिरा दिया गया, जिससे दो महिलाओं (प्रिंगले की पत्नी एवं बेटी) की मृत्यु हो गयी। चाकी ने आत्महत्या कर ली और खुदीराम बोस को लगभग 18 वर्ष की अवस्था में 11 अगस्त, 1908 ई. को फाँसी दे दी गयी।

 * **खुदीराम बोस बंगाल के क्रांतिकारियों के युगान्तर दल के सक्रिय सदस्य थे।** युगान्तर दल के नेता बारीन्द्र कुमार घोष थे।

 * **अलीपुर षड्यंत्र केस: 18 मई, 1908 को कलकत्ता के अलीपुर अदालत में 31 व्यक्तियों को अवैध शस्त्र रखने के कारण पेश किया गया।** इन व्यक्तियों को अवैध शस्त्र रखने के कारण गिरफ्तार किया गया था।

 * **19 अगस्त, 1908 को 30 आदमियों को सेशन जज के सुपुर्द किया गया और 7 सितंबर, 1908 को 7 और आदमियों को इस मुकदमे में शामिल किया गया।** यही मुकदमा अलीपुर षड्यंत्र केस के नाम से प्रसिद्ध है। इस केस के सरकारी गवाह नरेन्द्र नाथ गोसाई को अलीपुर जेल में सत्येन्द्रनाथ घोष एवं कन्हाईलाल दत्त ने गोली मार दी। इसके लिए दोनों को फाँसी की सजा दी गई। बारीन्द्र कुमार घोष, उल्लासकर दत्त, हेमचन्द्र दास और उपेन्द्रनाथ बनर्जी को आजीवन काला पानी की सजा मिली। बाकी लोगों को 10 वर्ष, 7 वर्ष एवं 5 वर्ष की सजा दी गई। इस मुकदमे में अरविन्द घोष छोड़ दिए गए, तब इन्होंने क्रांतिकारी क्रियाकलापों से अलग होकर पांडिचेरी में अपना आश्रम ऑरेविले स्थापित कर लिया।

 * **महाराष्ट्र में विनायक दामोदर सावरकर ने 1904 ई. में 'अभिनव भारत' नामक संस्था स्थापित की।** अभिनव भारत संगठन के सदस्य पी.एन. बापट बम बनाने की कला सीखने के लिए पेरिस गये।

 * **विनायक दामोदर सावरकर के बड़े भाई गणेश सावरकर ने देशभक्ति से पूर्ण कुछ कविताओं की रचनाएँ की थी, जिस कारण नासिक के जज जैक्सन ने उन पर राजद्रोह का आरोप लगाकर 8 जून, 1909 को आजीवन निर्वासन का दंड दिया।** इस सजा को सर्वथा अनुचित मानकर अभिनव भारत ने जैक्सन से बदला लेने का विचार किया। जैक्सन के विदाई समारोह में 21 दिसंबर, 1909 की रात को एक नाटक खेला जा रहा था। ज्योंहि जैक्सन इसे देखने के लिए फाटक पर पहुँचा, अनंत लक्ष्मण कान्हरे ने उसे गोली मार दी। जैक्सन की हत्या के अभियोग में अनंत लक्ष्मण कान्हरे, कृष्णजी गोपाल कर्वे और विनायक नारायण देशपाण्डे को 19 अप्रैल, 1911 को फाँसी दी गई।

 * **बाल गंगाधर तिलक का जन्म 23 जुलाई, 1856 को महाराष्ट्र के रत्नागिरी में हुआ था।** 1881 में उन्होंने साप्ताहिक पत्र मराठा (अंग्रेजी) और दैनिक पत्र केसरी (मराठी) नाम के दो पत्रों द्वारा नवजागरण प्रारंभ किया था। तिलक ने 1893 ई. में गणपति एवं 1895 ई. में शिवाजी उत्सव मनाना प्रारंभ किया।

 * **बाल गंगाधर तिलक पहले कांग्रेसी नेता थे, जिन्होंने देश के लिए कई बार जेल की यात्रा की।** 1897 में राजद्रोह के आरोप में 18 माह की कारावास हुई। फिर 1908 में राजद्रोह के आरोप में 6 वर्ष की कारावास हुई। 1908 से 1914 तक वर्मा के मांडले जेल में 6 वर्ष काटने पड़े। तिलक को सजा सुनाने वाले जज का नाम डावर था।

> **नोट:** वैलेन्टाइन सिरोल ने अपनी पुस्तक *इंडियन अनरेस्ट* में तिलक को भारतीय अशांति का जनक कहा था, जिसके लिए तिलक ने उन पर मानहानि का मुकदमा किया।

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 * **प्लेग के समय की ज्यादतियों से प्रभावित होकर पूना के चापेकर बन्धुओं (दामोदर एवं बालकृष्ण) ने 22 जून, 1897 को प्लेग अधिकारी रैंड एवं एर्स्ट की हत्या कर दी।**

 * **महाराष्ट्र से क्रांतिकारी पत्र काल का सम्पादन परांजपे ने किया।**

 * **1905 ई. में लंदन में श्याम जी कृष्ण वर्मा ने इंडियन होमरूल सोसायटी की स्थापना की।** श्यामजी कृष्ण वर्मा को क्रांतिकारियों का पिता भी कहा जाता है।

 * **अवीन्द्र नाथ टैगोर ने 1906 में इंडियन सोसाइटी ऑफ ओरिएण्टल आर्ट्स की स्थापना की जिससे प्राचीन भारतीय कला एवं संस्कृति का संरक्षण एवं विकास हुआ।**

 * **न्यू इंडिया नामक एक अंग्रेजी साप्ताहिक समाचार पत्र एवं 1906 में वंदेमातरम् नामक समाचार पत्र विपिनचंद्र पाल ने निकाला।**

 * **30 दिसम्बर, 1906 ई. को ढाका के नवाब सलीम उल्ला खाँ के निमंत्रण पर सम्मेलन हुआ।** नवाब वकारुल मुल्क इसके अध्यक्ष थे। इस सम्मेलन में अखिल भारतीय मुस्लिम लीग का उदय हुआ। जिसका मुख्यालय लखनऊ में था। लीग का संविधान 1907 ई. में कराची में बना और इस संविधान के अनुसार प्रथम अधिवेशन 1908 ई. में अमृतसर में हुआ, जिसकी अध्यक्षता सैयद इमाम ने की। इसी अधिवेशन में आगा खाँ को मुस्लिम लीग का अध्यक्ष बनाया गया। इसी अधिवेशन में मुसलमानों के लिए अलग से निर्वाचक मंडल की माँग की गई जिसको 1909 में की मार्लेमिंटो सुधार में मान लिया गया। मुस्लिम लीग ने बंगाल-विभाजन का समर्थन किया। 1908 में मुस्लिम लीग की एक शाखा लंदन में खोली गयी जिसे सैयद अमीर अली ने स्थापित किया था।

 * **भीकाजी रुस्तम कामा भारतीय मूल की फ्रांसीसी नागरिक थी, जो जर्मनी के स्टुटगार्ड शहर में 22 अगस्त, 1907 को आयोजित सातवीं अंतर्राष्ट्रीय कांग्रेस में तिरंगा फहराने के लिए जानी जाती है।** (यह विदेशी धरती पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की पहली घटना है)। इनके माता-पिता पारसी थे। इन्होंने दादा भाई नौरोजी के निजी सचिव के रूप में भी काम की थी।

 * **1 जुलाई, 1909 को मदन लाल ढींगरा ने विलियम कर्जन वायली को गोली मारकर हत्या कर दी।** 16 अगस्त, 1909 ई. को मदन लाल ढींगरा को मृत्युदंड दिया गया।

 * **21 दिसम्बर, 1909 को अनंत कान्हरे ने जैक्सन को गोली मार दी।**

 * **वायसराय लॉर्ड हार्डिंग ने 1911 ई. में दिल्ली में भव्य दरबार का आयोजन इंग्लैंड के सम्राट् जॉर्ज पंचम एवं मेरी के स्वागत में किया।** इस दरबार में निम्न घोषणाएँ हुई—

   1. बंगाल-विभाजन को रद्द किया गया।

   2. बंगाली भाषी क्षेत्रों को मिलाकर अलग एक प्रांत बनाया गया।

   3. बिहार एक अलग राज्य बना, जिसमें उड़ीसा भी शामिल था।

   4. राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली स्थानान्तरित करने की घोषणा हुई। 1 अप्रैल, 1912 ई. में दिल्ली, भारत की राजधानी बनी।

### अरुणडेल कमेटी

लॉर्ड मिन्टो ने 1906 में राजनीतिक सुधारों के हेतु इस 4 सदस्यीय कमेटी का गठन ए.टी. अरुणडेल के नेतृत्व में किया था। इसने अपनी सिफारिश में भारत के विभिन्न परिषदों के विस्तार के साथ एक सामन्तों की समिति बनाए जाने की अनुशंसा की तथा विभाजित बंगाल को पुनः एक कर देने की संस्तुति की।

 * **23 दिसम्बर, 1912 ई. को रासबिहारी बोस ने दिल्ली में वायसराय लॉर्ड हार्डिंग पर बम फेंका।** इसके परिणामस्वरूप 13 व्यक्ति गिरफ्तार किये गये। इसमें प्रमुख थे—मास्टर अमीचन्द, दीनानाथ, अवधबिहारी लाल, बाल मुकुंद, वसंत कुमार विश्वास, हनुमंत सहाय एवं बलराज। दीनानाथ दबाव में आकर सरकारी गवाह बन गये और मास्टर अमीचन्द, अवधबिहारी लाल, बाल मुकुंद एवं वसंत कुमार विश्वास को फाँसी दे दी गयी।

 * **1 नवम्बर, 1913 में अनेक भारतीयों ने लाला हरदयाल के नेतृत्व में सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका) में गदर पार्टी की स्थापना की, सोहनसिंह भाखना इसके प्रथम अध्यक्ष, लाला हरदयाल इसके प्रथम मंत्री एवं काशीराम कोषाध्यक्ष चुने गये थे।** 1 नवम्बर, 1913 को गदर अखबार का पहला अंक प्रकाशित हुआ, जो उर्दू में था। 9 दिसम्बर, 1913 से यह गुरुमुखी में छपने लगा। इसके प्रत्येक अंक के पहले पृष्ठ पर छपता था—'अंग्रेजी राज का कच्चा चिट्ठा'।

 * **कोमागाटामारू जापानी जहाज को बाबा गुरुदत्त सिंह (1914 ई.) ने किराया पर लिया था।** यह जलयान 351 यात्रियों के साथ 26 सितम्बर, 1914 ई. को हुगली पहुँचा। बजबज नामक बंदरगाह पर जहाज पहुँचने पर तलाशी हुई और संघर्ष हुआ। 18 यात्री मार दिये गये और लगभग 25 यात्री घायल हुए।

 * **सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी के सदस्य हृदयनाथ कुंजरू ने इलाहाबाद (प्रयागराज) में सेवा समिति की स्थापना की थी।**

 * **सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी के सदस्य हृदयनाथ कुंजूरू ने इलाहाबाद (प्रयागराज) में सेवा समिति की स्थापना की थी।**

 * **1915 ई. में अंग्रेज सरकार ने केसर-ए-हिन्द की उपाधि से महात्मा गाँधी को सम्मानित किया।**

 * **कांग्रेस के लखनऊ अधिवेशन (1916 ई.) में कांग्रेस के दोनों दलों में एकता हो गयी।** इसी अधिवेशन में मुस्लिम लीग ने भी कांग्रेस से मिलकर एक संयुक्त समिति की स्थापना की। मुस्लिम लीग के 1916 के लखनऊ सम्मेलन की अध्यक्षता मोहम्मद अली जिन्ना ने की थी। जिन्ना और तिलक के विशेष प्रयास से ही 1916 में लीग एवं कांग्रेस के बीच समझौता हुआ था।

 * **बाल गंगाधर तिलक ने स्वशासन प्राप्ति हेतु 28 अप्रैल, 1916 ई. को पूना में होमरूल लीग की स्थापना की।** इसके अध्यक्ष जोसेफ बैप्टिस्टा तथा सचिव एन.सी. केलकर थे। तिलक ने अपने अखबार मराठा (अंग्रेजी) तथा केसरी (मराठी) के माध्यम से होमरूल लीग का प्रचार-प्रसार किया।

 * **एनी बेसेन्ट ने सितम्बर, 1916 ई. में अड्यार (मद्रास) में होमरूल लीग की स्थापना की।** जॉर्ज अरुणडेल को लीग का सचिव बनाया। मोतीलाल नेहरू, जवाहर लाल नेहरू, सुब्रह्मण्यम अय्यर, जिन्ना तथा तेजबहादुर सप्रू इस लीग से जुड़े हुए थे।

 इस होमरूल लीग का प्रचार-प्रसार एनी बेसेंट ने अपने दैनिक पत्र न्यू इंडिया तथा साप्ताहिक पत्र कॉमनवेल्थ द्वारा किया गया।



> **नोट:** गोपाल कृष्ण गोखले ने अपने संगठन सर्वेन्ट्स ऑफ इंडिया सोसायटी के सदस्यों को होमरूल लीग आंदोलन में भाग लेने की अनुमति नहीं दी।

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 * **गाँधीजी ने प्रथम विश्वयुद्ध के समय लोगों को सेना में भर्ती होने के लिए प्रोत्साहित किया; इसलिए लोग इन्हें भर्ती कराने वाला सार्जेन्ट कहने लगे।**

 * **1916 ई. में गाँधीजी ने अहमदाबाद के करीब साबरमती आश्रम की स्थापना की।**

 * **बिहार के एक किसान नेता राजकुमार शुक्ल ने गाँधीजी को चम्पारण आने को प्रेरित किया।** चम्पारण आंदोलन के इस सूत्रधार की 20 मई, 1929 को 54 वर्ष की आयु में मृत्यु हो गयी। अंग्रेज अधिकारी एमन जिससे शुक्ल जी 25 वर्षों तक लड़ते रहे थे, उनके श्राद्ध कर्म के लिए 300 रुपए भेजा एवं कहा कि वह चम्पारण का अकेला मर्द था। भारत में 'सत्याग्रह' का पहला प्रयोग 1917 ई. में चम्पारण (बिहार) में किया गया। चम्पारण विद्रोह के कारण अंग्रेजों को तीनकटिया प्रथा को समाप्त करना पड़ा। तीनकटिया खेती अंग्रेज मालिकों द्वारा बिहार के चंपारण जिले के रैयतों (किसानों) पर नील की खेती के लिए जबरन लागू तीन तरीकों में एक था। खेती का अन्य दो तरीका कुरतौली और कुश्की कहलाता था। तीनकटिया खेती में प्रति बीघा (20 कट्ठा) तीन कट्ठा जोत पर नील की खेती करना अनिवार्य था।

 * **1917 के चंपारण सत्याग्रह के दौरान महात्मा गाँधी के साथ राजेन्द्र प्रसाद, बृज किशोर प्रसाद, महादेव देसाई, जी.बी. कृपलानी, नरहरि पारिख, मजहरुलहक एवं एन.जी. रंगा थे।**

 * **बतख मियाँ ने चंपारण सत्याग्रह के दौरान गाँधीजी की जान बचाई थी।**

> **नोट:** गाँधीजी ने 'सत्याग्रह' का सर्वप्रथम प्रयोग द. अफ्रीका में किया।

> **\succ बेसेन्ट ने 20 अगस्त, 1917 ई. को होमरूल लीग को समाप्त करने की घोषणा की।**

> 

 * **माण्टेग्यू घोषणा : 20 अगस्त, 1917 को तत्कालीन भारत सचिव, माण्टेग्यू ने ब्रिटिश सरकार द्वारा भारत में लागू किए जाने वाले प्रस्तावित सुधारों की घोषणा की, जिसमें चार बातों का उल्लेख था—**

   1. ब्रिटिश शासन का लक्ष्य भारत में स्वशासन को विकसित करना है।

   2. स्वशासन एकदम न दिया जाकर विभिन्न चरणों में दिया जाएगा।

   3. विभिन्न चरणों का निर्धारण भारतीयों द्वारा स्वशासन की दिशा में की गई प्रगति पर निर्भर करेगा।

   4. प्रगति के विषय में निर्धारण ब्रिटिश संसद तथा ब्रिटिश भारत सरकार द्वारा किया जाना था।

 * **माण्टेग्यू घोषणा भारतीय सरकार अधिनियम 1919 का आधार बनी।**

 * **उदारवादी कांग्रेसियों ने माण्टेग्यू घोषणा को भारत का मैग्नाकार्टा की संज्ञा दी।**

 * **तिलक ने माण्टेग्यू घोषणा को सूर्य विहीन उषाकाल कहा।**

 * **1918 में महात्मा गाँधी ने अहमदाबाद टैक्सटाइल्स लेबर एसोसिएशन की स्थापना की।** यह उस समय की सबसे बड़ी ट्रेड यूनियन थी। यहीं गाँधी जी ने ट्रस्टीशिप का सिद्धान्त दिया। इसमें इन्होंने बताया कि पूँजीपति, मजदूरों के हितों की रक्षा करने वाले ट्रस्टी होते हैं।

> **नोट:** 31 अक्टूबर, 1920 को एन.एम. जोशी ने ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) की स्थापना की। इसके प्रथम अध्यक्ष लाला लाजपत राय थे।

> 

 * **महात्मा गाँधी ने पहली बार भूख हड़ताल अहमदाबाद मिल मजदूरों के हड़ताल (1918 ई.) के समर्थन में की थी।**

 * **गाँधीजी ने 1918 ई. में गुजरात के खेड़ा जिले में 'कर नहीं आंदोलन' चलाया।**

 * **19 मार्च, 1919 ई. को रॉलेट एक्ट लागू किया गया।** इसके अनुसार किसी भी संदेहास्पद व्यक्ति को बिना मुकदमा चलाये गिरफ्तार किया जा सकता था, परन्तु उसके विरुद्ध 'न कोई अपील, न कोई दलील और न कोई वकील' किया जा सकता था।

 * **गाँधी ने इस कानून के विरुद्ध 6 अप्रैल, 1919 ई. को देशव्यापी हड़ताल करवायी।**

 * **13 अप्रैल, 1919 ई. को अमृतसर में जलियाँवाला बाग हत्याकांड हुआ।** डॉ. सतपाल और सैफुद्दीन किचलू की गिरफ्तारी के विरोध में हो रही जनसभा पर जनरल R.E.H डायर ने अंधाधुंध गोलियाँ चलवायी। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार इसमें 379 व्यक्ति एवं कांग्रेस समिति के अनुसार लगभग 1000 व्यक्ति मारे गये। उस समय पंजाब का लेफ्टिनेंट गवर्नर सर माइकल ओ डायर था।

 * **जलियाँवाला बाग हत्याकांड में हंसराज नामक भारतीय ने डायर का सहयोग किया था।**

 * **शंकरन नायर ने जलियाँवाला बाग हत्याकांड के विरोध में वायसराय की कार्यकारिणी परिषद् की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।**

 * **जलियाँवाला बाग हत्याकांड के विरोध में महात्मा गाँधी ने 'कैसर-ए-हिन्द' की उपाधि, जमनालाल बजाज ने 'राय बहादुर' की उपाधि एवं रवीन्द्र नाथ टैगोर ने 'सर' की उपाधि वापस लौटा दी।**

 * **जलियाँवाला बाग हत्याकांड की जाँच के लिए सरकार ने 19 अक्टूबर, 1919 ई. में लॉर्ड हंटर की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया।** इसमें पाँच अंग्रेज एवं तीन भारतीय (सर चिमन लाल सीतलवाड़, साहबजादा सुल्तान अहमद एवं जगत नारायण) सदस्य थे।

 * **कांग्रेस ने जलियाँवाला बाग हत्याकांड की जाँच के लिए मदन मोहन मालवीय के नेतृत्व में एक आयोग नियुक्त किया।** इसके अन्य सदस्यों में मोतीलाल नेहरू और गाँधीजी थे।

 * **जलियाँवाला बाग कभी जल्ली नामक व्यक्ति की संपत्ति थी।**

 * **खिलाफत आंदोलन भारतीय मुसलमानों का मित्र राष्ट्रों के विरुद्ध विशेषकर ब्रिटेन के खिलाफ तुर्की के खलीफा के समर्थन में आंदोलन था।**

 * **17 अक्टूबर, 1919 को समूचे देश में 'खिलाफत दिवस' मनाया गया।**

 * **23 नवम्बर, 1919 ई. को हिन्दू और मुसलमानों की एक संयुक्त कांफ्रेंस हुई, जिसकी अध्यक्षता महात्मा गाँधी ने की।**

 * **रौलेट एक्ट, जलियाँवाला बाग हत्याकांड और खिलाफत आंदोलन के उत्तर में गाँधीजी ने 1 अगस्त, 1920 ई. को असहयोग आंदोलन प्रारंभ किया।** असहयोग आंदोलन की पुष्टि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने दिसम्बर, 1920 ई. के नागपुर अधिवेशन में की। इसके प्रस्ताव को सी० आर० दास ने प्रस्तावित किया।

 * **मु. अली को सर्वप्रथम असहयोग आंदोलन में गिरफ्तार किया गया।**

 * **मोहम्मद अली जिन्ना, एनी बेसेंट तथा विपिनचन्द्र पाल कांग्रेस के असहयोग आंदोलन से सहमत नहीं थे, अतः उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी।**

 * **असहयोग आंदोलन के दौरान विदेशी वस्त्रों को जलाए जाने पर रवीन्द्र नाथ टैगोर ने महात्मा गाँधी को लिखा कि यह निष्ठुर बर्बादी है।**

 * **5 फरवरी, 1922 * ई. को गोरखपुर जिले के चौरी-चौरा नामक स्थान पर असहयोग आंदोलनकारियों ने क्रोध में आकर थाने में आग लगा दी, जिससे एक थानेदार एवं 21 सिपाहियों की मृत्यु हो गयी।** इस घटना से दुखित होकर गाँधीजी ने 11 फरवरी, 1922 ई. को असहयोग आंदोलन स्थगित कर दिया। इस समय महात्मा गाँधी बारदोली में थे।

 * **13 मार्च, 1922 ई. को गाँधीजी को गिरफ्तार कर 6 वर्ष की कड़ी कारावास की सजा सुनायी गयी।** स्वास्थ्य संबंधी कारणों से गाँधी को 5 फरवरी, 1924 ई. को रिहा कर दिया गया।

 * **1922 ई. के मेवाड़ भील आंदोलन का नेता मोतीलाल तेजावत था।**

 * **1923 ई. में इलाहाबाद में चित्तरंजनदास एवं मोतीलाल नेहरू ने कांग्रेस के अंतर्गत स्वराज पार्टी की स्थापना की।**

 * **महात्मा गाँधी सिर्फ एक बार कांग्रेस के बेलगाँव अधिवेशन (1924 ई.) में इसके अध्यक्ष चुने गये।**

### चंद्रशेखर आजाद (पंडित जी)

 * **शचीन्द्र सान्याल ने 1924 ई. में कानपुर में 'हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन' की स्थापना की।** भगत सिंह ने 1928 ई. में दिल्ली स्थित फिरोजशाह कोटला में 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' की स्थापना की।

 * **पूरा नाम:** चंद्रशेखर सीताराम तिवारी

 * **जन्म-स्थान:** भावरा, झाबुआ-जिला (वर्तमान में जिला अलीराजपुर, म.प्र.)

 * **जन्म तिथि:** 23 जुलाई, 1906 ई.

 * **पिता:** पं. सीताराम तिवारी

 * **माता:** जगरानी देवी

 * **अल्फ्रेड पार्क, इलाहाबाद शहीद तिथि:** 27 फरवरी, 1931 ई.

 * **संबंधित संगठन:** नौजवान सभा, कृति किसान पार्टी, हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन

 * **काकोरी कांड : 9 अगस्त, 1925 ई. को 10 व्यक्तियों ने सहारनपुर से लखनऊ की ओर जा रही 8 डाउन ट्रेन से रेल विभाग का खजाना काकोरी नामक स्थान पर लूट लिया।** इसे ही काकोरी कांड कहा गया। सरकारी खजाना लूटने का विचार राम प्रसाद बिस्मिल का था। इसमें राम प्रसाद बिस्मिल, राजेन्द्र लाहिड़ी, रोशन सिंह एवं अशफाकउल्ला खाँ को 19 दिसम्बर, 1927 ई. में फाँसी दे दी गई एवं शचीन्द्र सान्याल को आजीवन कारावास की सजा मिली। मन्मथनाथ गुप्त को 14 वर्ष की कैद हुई। राम प्रसाद बिस्मिल यह कहते हुए कि *"मैं राज्य के पतन की इच्छा करता हूँ"* फाँसी पर लटक गए।

> **नोट:** उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने काकोरी कांड का नाम बदलकर *काकोरी ट्रेन एक्शन* कर दिया।

> **\succ संभवतः अशफाकउल्ला खाँ पहले भारतीय क्रांतिकारी मुसलमान थे, जो देश की स्वतंत्रता के लिए फाँसी के तख्ते पर लटके थे।**

> 

 * **स्त्रियों ने स्वयं अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करने के उद्देश्य से 1926 ई. में अखिल भारतीय महिला संघ स्थापित किया।**

 * **साइमन कमीशन 3 फरवरी, 1928 ई. को भारत आया।** इसे *वाइट मैन कमीशन* भी कहते हैं।

 * **1927 की बटलर कमेटी का मुख्य उद्देश्य भारत सरकार तथा देशी राज्यों के मध्य संबंधों को सुधारना था।**

 * **महाड़ सत्याग्रह भीमराव आम्बेडकर की अगुवाई में 20 मार्च, 1927 को महाराष्ट्र राज्य के रायगढ़ जिले के महाड़ स्थान पर दलितों को सार्वजनिक चवदार तालाब में पानी पीने और इस्तेमाल करने का अधिकार दिलाने के लिए किया गया सत्याग्रह था।** 25 दिसम्बर, 1927 को अम्बेडकर ने महाड़ गाँव में ही मनुस्मृति का सार्वजनिक दहन किया था।

 * **नेहरू रिपोर्ट को अंतिम रूप से अगस्त, 1928 में आयोजित सर्वदलीय सम्मेलन में स्वीकार किया गया था, इस सम्मेलन की अध्यक्षता डॉ. अंसारी ने की थी।**

 * **30 अक्टूबर, 1928 ई. को लाहौर में साइमन आयोग के विरुद्ध प्रदर्शन करते समय पुलिस की लाठी से लाला लाजपत राय घायल हो गये और बाद में उनकी मृत्यु हो गयी।**

 * **साइमन कमीशन का बहिष्कार न करने वाले दो दल थे—जस्टिस पार्टी एवं पंजाब यूनियनिस्ट पार्टी।**

 * **भगत सिंह के नेतृत्व में पंजाब के क्रांतिकारियों ने 17 दिसम्बर, 1928 को लाहौर के तत्कालीन सहायक पुलिस कप्तान सॉण्डर्स को गोली मार दी।**

 * **'पब्लिक सेफ्टी बिल' पास होने के विरोध में 8 अप्रैल, 1929 ई. को बटुकेश्वर दत्त एवं भगत सिंह ने दिल्ली में सेन्ट्रल लेजिस्लेटिव असेम्बली में खाली बेंचों पर बम फेंका।** 'क्रांतिकारियों ने अपने पर्चे में कहा था कि उनका मकसद किसी की जान लेना नहीं बल्कि बहरे कानों तक अपनी आवाज पहुँचाने के लिए है।'

> **नोट:** भगत सिंह एवं बटुकेश्वर दत्त के बम फेंकने के समय असेम्बली के अध्यक्ष विट्ठलभाई पटेल सदारत कर रहे थे।

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 * **कांग्रेस के 1929 ई. के लाहौर अधिवेशन में 'पूर्ण स्वराज' का अपना लक्ष्य घोषित किया था।** इस अधिवेशन की अध्यक्षता जवाहरलाल नेहरू कर रहे थे। 31 दिसम्बर, 1929 ई. की रात के 12 बजे जवाहरलाल नेहरू ने रावी नदी के तट पर नवगृहीत तिरंगे झण्डे को फहराया। इसी अधिवेशन में 26 जनवरी, 1930 ई. को 'प्रथम स्वाधीनता दिवस' के रूप में मनाने का निश्चय किया गया। इसी के साथ प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाये जाने की परम्परा शुरू हुई थी।

 * **12 मार्च, 1930 को गाँधीजी ने अपने 78 (गाँधी जी सहित 79) समर्थकों के साथ साबरमती स्थित अपने आश्रम से लगभग 322 किमी.* दूर डाण्डी के लिए प्रस्थान किया।** लगभग 24 दिनों बाद 6 अप्रैल, 1930 को डाण्डी पहुँचकर गाँधीजी ने नमक कानून तोड़ा और सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत की। सुभाष चन्द्र बोस ने गाँधीजी के नमक सत्याग्रह की तुलना नेपोलियन के एल्बा से पेरिस यात्रा से की।

> **नोट:** दांडी यात्रा के दौरान कमला देवी चट्टोपाध्याय ने गाँधी जी को आंदोलनों को केवल पुरुषों तक सीमित न रखने के लिए राजी किया था।

> 

 * **नमक सत्याग्रह के दौरान बिहार के लोगों ने नमक बनाने के साथ-साथ चौकीदारी कर का विरोध करना चुना था।**

 * **4 मार्च, 1931 ई. को गाँधी-इरविन पैक्ट हुआ, इसके बाद गाँधीजी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन स्थगित कर दिया।** गाँधी-इरविन समझौता को दिल्ली समझौता के नाम से भी जाना जाता है।

 * **1931 में सरदार वल्लभभाई पटेल की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस के कराँची अधिवेशन में पंडित जवाहर लाल नेहरू ने मूल अधिकारों व आर्थिक कार्यक्रम पर संकल्प प्रारूपित किया।** इस प्रस्ताव को बनाने में एम.एन.राय ने नेहरू की मदद की थी। इसी अधिवेशन में गाँधी इरविन पैक्ट को स्वीकार किया गया एवं गाँधी जी को द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने की अनुमति प्रदान कर दी गई। इसी समय गाँधी ने कहा था कि *"गाँधी मर सकते हैं, परन्तु गाँधीवाद नहीं।"*

 * **दूसरा गोलमेज सम्मेलन 7 सितम्बर, 1931 ई. से 1 दिसंबर, 1931 तक को हुआ।** महात्मा गाँधी ने कांग्रेस के प्रतिनिधि के रूप में इसमें भाग लिया; परन्तु यह सम्मेलन साम्प्रदायिक प्रतिनिधित्व के कारण असफल रहा। गाँधी एस.एस. राजपूताना जहाज से लंदन पहुँचे थे और बेसंटियाना नामक इटली के पोत से वापस लौटे।

> **नोट:** प्रथम गोलमेज सम्मेलन 12 नवम्बर, 1930 ई. में एवं तृतीय गोलमेज सम्मेलन 17 नवम्बर, 1932 ई. में हुआ।

> 

 * **तीनों गोलमेज सम्मेलन के समय इंग्लैंड का प्रधानमंत्री जेम्स रैम्जे मैकडोनाल्ड था।**

 * **डॉ. भीमराव आंबेडकर को लंदन में हुई तीनों गोलमेज सभाओं में अछूतों के प्रतिनिधि के रूप में बुलाया गया।**

 * **दूसरे गोलमेज सम्मेलन की असफलता के बाद गाँधी ने 3 जनवरी, 1932 पुनः सविनय अवज्ञा आंदोलन प्रारंभ कर दिया।** सविनय अवज्ञा आन्दोलन अंतिम रूप से 7 अप्रैल, 1934 को वापस लिया गया।

 * **सविनय अवज्ञा आन्दोलन में पठान सत्याग्रहियों पर गोली चलाने से गढ़वाल राइफल्स ने इनकार कर दिया।**

 * **23 मार्च, 1931 ई. को सुखदेव, भगत सिंह एवं राजगुरु को फाँसी दे दी गई।**

 * **मई, 1934 ई. में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी की स्थापना हुई।**

 * **अखिल भारतीय किसान सभा का प्रथम सम्मेलन अप्रैल, 1936 ई. में लखनऊ में हुआ।** इसके अध्यक्ष स्वामी सहजानंद व महासचिव एन.जी. रंगा चुने गये। स्वामी सहजानन्द सरस्वती ने *हुंकार* नामक पत्रिका का पटना से प्रकाशन किया। यह किसान आंदोलन की पत्रिका थी। राहुल सांकृत्यायन इस साप्ताहिक पत्रिका के 1942 में संपादक बने।

### किसान सभा

| क्र | किसान सभा | संस्थापक / नेतृत्वकर्ता | तिथि / वर्ष |

|---|---|---|---|

| **1.** | संयुक्त प्रांत किसान सभा | गौरी शंकर मिश्र व इन्द्र नारायण द्विवेदी | फरवरी 1918 |

| **2.** | अखिल भारतीय किसान सभा (अशोक रोड) | स्वामी सहजानन्द सरस्वती | 11 अप्रैल, 1936 |

| **3.** | अखिल भारतीय किसान सभा (अजय भवन) | — | 1939 |

| **4.** | अवध किसान सभा | बाबा रामचन्द्र व जवाहरलाल नेहरू | 1920 |

| **5.** | बिहार प्रांतीय किसान सभा | स्वामी सहजानन्द सरस्वती | 1929 |

| **6.** | आन्ध्र प्रांतीय किसान सभा | एन. जी. रंगा | 1928 |

| **7.** | भारतीय किसान संघ (कोटा) | श्री दत्तोपंतजी ठेंगरी | 4 मार्च, 1979 |

 * **स्वामी सहजानन्द सरस्वती ने 1937-38 में वकाश्त आन्दोलन किए।**

 * **1939 ई. में महात्मा गाँधी द्वारा प्रस्तावित प्रत्याशी पट्टाभि सीतारामैया को हराकर सुभाष चन्द्र बोस कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गये।**

 * **1 मई, 1939 को सुभाष चन्द्र बोस ने कांग्रेस के भीतर ही एक नये गुट का गठन किया, जिसे *फॉरवर्ड ब्लॉक (Forward Block)* कहा गया।** सुभाष चन्द्र बोस ने स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान *फ्री इण्डियन लीजन* नामक सेना बनायी थी।

 * **1939 में भारत प्रजामंडल (ऑल इंडिया स्टेट्स पीपुल्स कांफ्रेंस) के अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू थे।** इसका गठन 1927 में हुआ था।

 * **13 मार्च, 1940 ई. को लंदन में पंजाब के सुनाम नामक स्थान के सरदार उधम सिंह ने पंजाब के भूतपूर्व लेफ्टिनेंट गवर्नर माइकल ओ डायर की गोली मारकर हत्या कर दी।**

 * **गाँधीजी ने 17 अक्टूबर, 1940 को पवनार में व्यक्तिगत सत्याग्रह आन्दोलन शुरू किया।** इस आन्दोलन के प्रथम सत्याग्रही विनोबा भावे, दूसरे सत्याग्रही जवाहरलाल नेहरू एवं तीसरे सत्याग्रही ब्रह्मदत्त थे। इस आन्दोलन को 'दिल्ली चलो' आन्दोलन भी कहा गया।

 * **24 मार्च, 1940 को मुस्लिम लीग के लाहौर अधिवेशन में अध्यक्षता करते हुए मोहम्मद अली जिन्ना ने भारत से अलग मुस्लिम राष्ट्र पाकिस्तान की माँग की।**

> **नोट:** *पाकिस्तान* शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग लन्दन में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के एक विद्यार्थी चौधरी रहमत अली और उसके तीन साथियों ने जनवरी 1933 ई० में प्रकाशित किए गए एक पैम्पलेट—*अब या फिर कभी नहीं (Now or Never)* में किया था।

> 

 * **1940 में लॉर्ड लिनलिथगो ने अगस्त घोषणा (August offer) के द्वारा मुसलमानों को आश्वासन दिया कि ब्रिटेन और भारत के बीच किसी भी समझौते के स्थिति में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का पूर्ण ध्यान रखा जाएगा।**

 * **क्रिप्स प्रस्ताव : ब्रिटिश प्रधानमंत्री चर्चिल ने 11 मार्च, 1942 को स्टेफोर्ड क्रिप्स के नेतृत्व में क्रिप्स मिशन की घोषणा की।** इसके अनुसार युद्ध के बाद भारत को डोमिनियन राज्य का दर्जा एवं संविधान निर्मात्री परिषद् बनाने का प्रस्ताव था। मुस्लिम लीग भारतीय संघ को स्वीकार करने या न करने को स्वतंत्र होगी तथा राजाओं को भी अलग राज्य स्थापित करने का अधिकार दिया जाएगा। कांग्रेस और मुस्लिम लीग दोनों ने क्रिप्स प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया, क्योंकि यह किसी भी प्रकार भारतीय स्वतंत्रता की बात नहीं करता था। गाँधी ने इस प्रस्ताव को उत्तर तिथिय चेक (post dated cheque) कहा था जबकि जवाहर लाल नेहरू ने इसको डूबते हुए बैंक का उत्तर तिथिय चेक कहा था। 11 अप्रैल, 1942 को क्रिप्स प्रस्तावों को वापस ले लिया गया।

 * **1942 में वर्धा में कांग्रेस ने 'अंग्रेजों भारत छोड़ो' प्रस्ताव पारित किया।**

 * **1 अगस्त, 1942 को इलाहाबाद में तिलक दिवस मनाया गया।**

 * **7 अगस्त, 1942 को कांग्रेस की बैठक बम्बई के ऐतिहासिक गवालिया टैंक में हुई।** इसकी अध्यक्षता अबुल कलाम आजाद ने की थी।

 * **गाँधी के भारत छोड़ो प्रस्ताव को कांग्रेस कार्यसमिति ने 8 अगस्त, 1942 ई. को स्वीकार कर लिया।** भारत छोड़ो आन्दोलन की शुरुआत 9 अगस्त, 1942 ई. को हुई। इसी आन्दोलन में गाँधीजी ने *'करो या मरो'* का नारा दिया।

 * **9 अगस्त, 1942 को प्रातःकाल (ऑपरेशन जीरो आवर) ही गाँधीजी एवं कांग्रेस के अन्य सभी महत्वपूर्ण नेता गिरफ्तार कर लिये गये।** गाँधीजी को पूना के आगा खाँ महल में तथा कांग्रेस कार्यसमिति के अन्य सदस्यों को अहमदनगर के दुर्ग में रखा गया था। सरोजनी नायडू एवं कस्तूरबा गाँधी को भी आगा खाँ महल में रखा गया था, जहाँ कुछ दिनों बाद कस्तूरबा गाँधी की मृत्यु हो गई। जवाहर लाल नेहरू को अल्मोड़ा जेल में, राजेन्द्र प्रसाद को बाँकीपुर जेल में और मौलाना अबुल कलाम आजाद को बाकुड़ा जेल में रखा गया। 10 फरवरी, 1943 से गाँधी जी ने जेल में 21 दिनों का उपवास शुरू किया जिसका समापन 7 मार्च, 1943 को हुआ। 6 मई, 1944 ई. को गाँधीजी को जेल से छोड़ा गया।

 * **1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान मुंबई के गवालिया मैदान में अरुणा आसफ अली ने कांग्रेस का झंडा फहराया।**

 * **उषा मेहता भारत छोड़ो आंदोलन के समय खुफिया रेडियो चलाने के कारण पूरे देश में विख्यात हुई।** राम मनोहर लोहिया और बी. एम. खाकर भी रेडियो प्रसारण से संबंधित थे।

 * **भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जय प्रकाश नारायण हजारी बाग जेल से फरार होकर भूमिगत रूप से आंदोलन का नेतृत्व करने लगे।**

 * **विशेषकर मुस्लिम लीग एवं अम्बेडकर ने भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध किया।**

 * **इस आंदोलन के दौरान कई समांतर सरकार बनी जिसमें प्रमुख थी, बलिया की चित्तू पांडे की सरकार, तामलुक की जातीय सरकार, सतारा की वाई.बी. चव्हाण की सरकार।**

 * **भारत छोड़ो आन्दोलन के उपरांत मुस्लिम लीग एवं कांग्रेस के बीच संवैधानिक गतिरोध को दूर करने के लिए सी. राजगोपालाचारी ने 1944 में दी वे-आउट नामक पैम्फलेट जारी किया।**

 * **आज़ाद हिन्द फौज की स्थापना का विचार सर्वप्रथम कैप्टन मोहन सिंह के मन में आया।** आज़ाद हिन्द फौज का सफलतापूर्वक स्थापना का श्रेय रासबिहारी बोस को दिया जाता है।

 * **आज़ाद हिन्द फौज की प्रथम डिविजन का गठन 1 सितम्बर, 1942 को कैप्टन मोहन सिंह के द्वारा किया गया परन्तु वह असफल रहा।**

 * **भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई में सुभाष चन्द्र बोस अग्रणी क्रांतिकारी थे।** भारत की स्वतंत्रता हेतु विदेशी सहायता प्राप्त करने के लिए बोस 1941 में जर्मनी पहुँचें। वहाँ जर्मन विदेश मंत्रालय की सहायता से उन्होंने *'द फ्री इंडिया सेंटर'* का गठन किया, जहाँ से वे आजादी के पक्ष में पर्चे छपवाते थे तथा भाषण देते थे।

 * **1942 में बोस ने उत्तरी अफ्रीका से पकड़े गए भारतीय युद्ध बंदियों को भर्ती कर 10 हजार सैनिकों का दल गठित किया, जिसे फ्री इंडियन लीजन कहा गया।**

 * **सुभाष चन्द्र बोस ने 21 अक्टूबर, 1943 को सिंगापुर में स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार का गठन किया, जिसका जर्मनी व जापान ने समर्थन किया।**

 * **अक्टूबर, 1943 ई. में सुभाष चन्द्र बोस को आजाद हिन्द फौज का सर्वोच्च सेनापति बनाया गया था।** आजाद हिन्द फौज के तीन ब्रिगेडों के नाम सुभाष ब्रिगेड, गाँधी ब्रिगेड एवं नेहरू ब्रिगेड एवं महिलाओं के ब्रिगेड का नाम 'लक्ष्मीबाई रेजीमेंट' था। लक्ष्मीबाई रेजीमेंट का नेतृत्व कैप्टन डा. लक्ष्मी स्वामीनाथन सहगल ने किया। इस रेजीमेंट का एक और क

मांडर जानकी अधी नप्पन थी। आज़ाद हिन्द फौज का झंडा कांग्रेस के तिरंगे झंडे की भाँति था, जिस पर दहाड़ते हुए शेर का चिह्न था।

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